विपक्ष को मुस्लिम महिलाओं के विरोध का भय
   Date02-Aug-2019

यह मुहावरा प्रचलित है कि जब कोई बड़ा वृक्ष गिरता है तो भूमि में कंपन होता है। इसी तरह की प्रतिक्रिया 34 साल से अटके तीन तलाक बिल को पास कराने से हुई है। विपक्ष जिसे टुकड़े-टुकड़े गैंग कहना उचित है, सकते में इसलिए है कि भाजपा ने इस बिल को पास कराकर मुस्लिम महिलाओं की सहानुभूति अर्जित कर ली। इससे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का विश्वसनीयता भी बढ़ी है, उन्होंने जो कहा, उसे कठिन परिस्थिति में भी पूरा करके दिखाया। अब तिलमिलाये विपक्ष ने प्रेस कांफ्रेंस करके कहा है कि तीन तलाक बिल पर अंधेरे में रखकर पास करा लिया। यह उसी तरह का बहाना है, जिस तरह जनता द्वारा बुरी तरह चुनाव में नकारा जाने पर हार का ठीकरा ईवीएम मशीन पर फोड़ा। जो विपक्ष बिखरा हुआ है, कांग्रेस का अध्यक्ष नहीं होने से लावारिस स्थिति है, जिसके चार सदस्य तीन तलाक बिल के मतदान के समय उपस्थित नहीं थे, जो विपक्ष पराजय के दर्द से उभर नहीं पाया है, उसे भाजपा पर दोष देना ऐसी स्थिति है, जैसे खिसयानी बिल्ली खंभा नोचे। अब तीन तलाक बिल के पारित होने पर कहा जा रहा है कि इससे जिन राज्यों में चुनाव होने वाले हैं, वहां भाजपा को लाभ मिलेगा। राजनीतिक पंडित कह रहे हैं कि 2024 में केन्द्र में सत्ता की हैट्रिक लगाना भाजपा के लिए आसान होगा। राज्यसभा में बिल पर वोटिंग के दौरान 9 राज्यों के 15 क्षेत्रीय दलों ने या तो बिल के विरोध में वोट डाले या वाकआउट किया। इसका कारण यह है कि वहां बड़ी संख्या में मुस्लिमों का होना है। जिन चार राज्यों में इसी साल चुनाव होना हैैं, इनमें झारखंड, महाराष्ट्र, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर शामिल हैं। इनमें कुल 546 सीटें हैं, इनमें से 115 मुस्लिम बहुल हैं। अकेले जम्मू-कश्मीर में 40 सीटें हैं। महाराष्ट्र में 50, हरियाणा में 10 और झारखंड में 15 सीटें हैं। उल्लेखनीय है कि 15 दलों ने तीन तलाक बिल का विरोध किया। इनमें हैं उत्तरप्रदेश के सपा, बसपा, प. बंगाल से टीएमसी, सीपीएम, केरल में मुस्लिम लीग, तेलंगाना में एमआईएम, टीआरएस, बिहार में राजद, जदयू, जम्मू-कश्मीर से पीडीपी, एनसी, तमिलनाडु से एआईएडीएमके, महाराष्ट्र में एनसीपी एवं आंध्र से टीडीपीवाईए, वाईएसआर, कहा जाता है कि 145 सीटों पर 11 से 20 प्रतिशत मुस्लिम हैं। 38 सीटों पर 21 से 30 प्रतिशत मुस्लिम मतदाता हैं। भाजपा को मुस्लिम महिलाओं के वोट मिल सकते हैं। 218 सीटों पर भाजपा को मुस्लिम महिलाओं का लाभ मिल सकता है। उत्तरप्रदेश में 140 सीटों पर 20 प्रतिशत से अधिक मुस्लिम होने से हाल ही में होने वाले चार सीटों के उपचुनाव में भी मुस्लिम महिलाओं का भाजपा को लाभ मिल सकता है।
दृष्टिकोण
अब मिली मुस्लिम महिलाओं को आजादी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि अल्पसंख्यकों के साथ जो छल किया गया है, उसको हमें उच्छेद करना है। यदि राजनीतिक लाभ-हानि के परे विचार किया जाए तो जो दस करोड़ मुस्लिम महिलाएं हैं, उनको तीन तलाक को अपराध बनाने और तीन वर्ष के कारावास के प्रावधान से कोई अपनी पत्नी को तलाक देने का साहस नहीं कर सकते हैं। तीन तलाक का कानून बनने से कई मुस्लिम महिलाओं की प्रतिक्रिया यह है कि 15 अगस्त को देश को आजादी मिली थी, लेकिन हमें तो 30 जुलाई को आजादी मिली है। प्रधानमंत्री ने मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक से मुक्त कराने का जो वादा किया, उसके पूरा करने का निष्ठा से प्रयास किया। तीन बार लोकसभा में यह बिल पारित हो गया। राज्यसभा में उन्हीं दलों ने इसका विरोध किया, जो मुस्लिम वोट बैंक पर अपना दावा करते हैं। राष्ट्रीय पार्टी कांग्रेस जिसकी राजीव गांधी सरकार ने शाहबानो मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को इसलिए उलट दिया कि तीन तलाक और हलाला के ठेकेदार मुल्ला, मौलवी, इमाम आदि कट्टरपंथी इसका विरोध कर रहे थे। मोदी सरकार ने इनकी ठेकेदारी खत्म कर दी है। इस कानून से मुस्लिम महिलाओं को राहत मिली है, लेकिन तीन तलाक के मुल्ला-मौलवी मजहब के नाम पर भ्रम की स्थिति पैदा करने की कोशिश करेंगे, लेकिन मुस्लिम महिलाओं को इनसे मुकाबला करने का बल यह कानून देगा।