आईपीयू की शुरुआत करने वाला देश का पहला सिविल अस्पताल बना पीसी सेठी
    Date02-Aug-2019

 
इंदौर  स्वदेश समाचार
इंदौर के प्रकाशचंद्र सेठी सिविल अस्पताल देश का पहला ऐसा सिविल अस्पताल बन गया है जहां बच्चों को गहन चिकित्सा इकाई में उपचार उपलब्ध कराने हेतु आईपीयू (इंट्रीगेटेड पीडियाट्रिक यूनिट) की शुरुआत हुई है। अब यहां निजी अस्पतालों की तरह मां और बच्चों को आधुनिक तरीके से उपचार प्राप्त हो सकेगा।
स्वास्थ्य मंत्री तुलसीराम सिलावट ने शुक्रवार को पीसी सेठी अस्पताल में इस गहन चिकित्सा इकाई का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि इंदौर के सरकारी अस्पताल में अब कमजोर पैदा हुए शिशुओं की उखड़ती सांसों को संभालने के लिए ये गहन चिकित्सा इकाई उपलब्ध कराई गई है। स्वास्थ्य बजट में भी अधिक राशि का प्रावधान रखा है। लोकार्पण अवसर पर आयुक्त स्वास्थ्य निलेश व्यास, सीएमएचओ डॉ. प्रवीण जडिया, प्रभारी डॉ. माधव हसानी सहित अन्य चिकित्सक उपस्थित थे। डॉ. जडिया ने बताया कि ये देश का पहला सिविल अस्पताल होगा जहां आईसीयू सुविधा मिलेगी।
10 बिस्तरों की क्षमता - नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई में 20 बिस्तरों की क्षमताहै। जबकि हाई डिस्पेन्सरी यूनिट में 10 और शिशु गहन चिकित्सा इकाई में 10 बिस्तरों की क्षमता है। मंत्री श्री सिलावट ने अस्पताल का भ्रमण कर व्यवस्थाओं को भी परखा। भर्ती मरीजों से वे बड़ी आत्मीयता से मिले। सीएमएचओ डॉ. जडिया ने उन्हें व्यवस्थाओं और सुविधाओं के बारे में जानकारी दी।
मंत्रीजी को नहीं पहचाना - स्वास्थ्य मंत्री श्री सिलावट जब अस्पताल की चौथी मंजिल में बने गहन चिकित्सा इकाई में सीढिय़ों से पहुंचे और वहां उपस्थित मरीजों के ग्रामीण परिजन से पूछा कि क्या वे स्वास्थ्य मंत्री का नाम जानते है, जवाब हां में मिला और नाम बताया तुलसी सिलावट। जब पूछा कि क्या आप उन्हें जानते है, तब ग्रामीण ने मना करते हुए कहा कि अभी तक वे उनसे नहीं मिले है। मंत्री ने विनोद भाव से कहा कि मैं उनका भाई हूं। बाद मे अन्य लोगों ने मंत्री के बारे में बताया।