खाद्य तेलों में मनोवृत्ति बदलने से सोया, पाम तेल में मंदी
   Date08-Jul-2019

इन्दौर ठ्ठ व्यापार प्रतिनिधि
खाद्य तेलों में आयातित तेलों पर बजट में आयात शुल्क नहीं बढऩे के साथ ही अच्छी बारिश होने से व्यापारिक मनोवृत्ति में आए बदलाव से सोया तेल, पाम तेल में मंदी गहरा गई है। वहीं विदेशी गिरावट के साथ घरेलू स्तर पर मांग कमजोर होने से भी सोया तथा पाम तेल में मंदी रही। जबकि सोपा का कहना है कि सरकार को खाद्य तेलों के आयात शुल्क में वृद्धि करना चाहिए। जिससे सोयाबीन उत्पादक किसानों व घरेलू तेल उद्योग को फायदा होगा तथा लागत के अनुरूप भाव चल पाएंगे, परंतु फिलहाल बाजार पूरी तरह टूट गया है। परंतु माल की कमी के चलते मूंगफली तेल, कपास्या तेल के भाव में मजबूती है। वरना सरसों तेल भी तेज नहीं है। जबकि अचार का सीजन चल रहा है। सोया तेल व सोयाबीन वायदा में मंदी आ गई है। मलेशिया पाम तेल 492.50 डालर रहा। फारवर्ड में दो माह का क्रमश: 495 एवं 515 डालर रहा। के.एल.सी. 18 रिंगिट माइनस रही तथा शिकागो सोया वायदा 8 सेंट प्लस रहा। जबकि यहां एनसीडीईएक्स में रनिंग में सोया तेल जुलाई का 735 रु. 70 पैसे, अगस्त का 725 रु. 45 पैसे चल रहा था। जबकि सीड जुलाई की 3530 एवं अगस्त की 3575 रु. तथा सरसों अगस्त की 3877, सितंबर की 3903 रु. रहा। जिससे हाजर तेल में मंदी रही। लेवाली का अभाव रहा। कामकाज के दौरान सींगदाना तेल इंदौर 1140 से 1160, मुंबई तेल 1110, राजकोट तैलिया 1760, गुजरात लूज 1150, सोया रिफाइंड इंदौर 732 से 735, सोया साल्वेंट 695 से 700, गुजरात काटन वाश्ड 742, मुंबई काटन तेल 785, मुंबई सोया रिफाइंड 795, गुजरात सोया तेल 720, गुजरात पाम तेल 565, मुंबई पाम तेल 572, इंदौर पाम तेल 616 रु.।