1992 विश्वकप के भुलावे में रहा पाकिस्तान
   Date07-Jul-2019

लंदन ठ्ठ 06 जुलाई (वार्ता)
विश्वकप से बाहर होने वाला पाकिस्तान बेशक इसके लिये रन औसत को जिम्मेदार ठहरा रहा है लेकिन उसका 1992 विश्वकप के भुलावे में लगातार बने रहना इसका सबसे बड़ा कारण है।
पाकिस्तान ने 1992 के विश्वकप में इमरान खान की कप्तानी में टूर्नामेंट में खराब शुरूआत की थी और उसके बाद टीम ने शानदार वापसी करते हुये खिताब का सफर तय किया। सरफराज़ अहमद की मौजूदा पाकिस्तानी टीम ने भी इस विश्वकप में खराब शुरूआत की लेकिन जब टीम ने संभलना शुरू किया तो उसके प्रदर्शन की तुलना 1992 के विश्वकप के प्रदर्शन से की जाने लगी और अंत में इसी भुलावे में सरफराज की टीम विश्वकप से बाहर हो गयी। पाकिस्तान ने अपने आखिरी लीग मैच में बंगलादेश को 94 रन से हराया लेकिन नेट रन रेट में वह न्यूजीलैंड से पिछड़कर विश्वकप से बाहर हो गयी। न्यूजीलैंड और पाकिस्तान दोनों ने पांच-पांच मैच जीते, तीन-तीन मैच हारे और उनका एक-एक मैच बारिश के कारण रद्द रहा। न्यूजीलैंड का नेट रन रेट प्लस 0.175 रहा जबकि पाकिस्तान का नेट रन रेट माइनस 0.430 रहा। टूर्नामेंट में खराब शुरूआत के बाद पाकिस्तानी टीम को अपने नेट रन रेट को लेकर संभल जाना चाहिये था लेकिन उसने इस महत्वपूर्ण मुद्दे को लेकर ध्यान नहीं दिया। पाकिस्तान अपना पहला मैच वेस्टइंडीज़ से सात विकेट से हारा। इस मैच में पाकिस्तान की टीम मात्र 105 रन पर ढेर हो गयी। आखिर में यही मैच पाकिस्तान पर भारी पड़ा।
पाकिस्तान ने पहली हार के झटके से उबरते हुये इंग्लैंड को 14 रन से हराया जबकि श्रीलंका के साथ उसका मैच बारिश के कारण रद्द रहा। पाकिस्तान को आस्ट्रेलिया से 41 रन से और भारत से 89 रन से हार का सामना करना पड़ा। पाकिस्तान ने दक्षिण अफ्रीका को 49 रन से, न्यूजीलैंड को छह विकेट से, अफगानिस्तान को तीन विकेट से और बंगलादेश को 94 रन से हराया। पाकिस्तान ने अपने आखिरी चार मैच जीते लेकिन अंत में नेट रन रेट ने उसकी उम्मीदों को तोड़ दिया। पाकिस्तान को इन मैचों के दौरान अपने नेट रन रेट में सुधार करने की पूरी कोशिश करनी चाहिये थी लेकिन उसने इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर ध्यान नहीं दिया। पाकिस्तान के पूर्व दिग्गज क्रिकेटर भारत की इंग्लैंड के हाथों हार पर विपरीत टिप्पणियां करते रहे लेकिन अपनी टीम के रन रेट पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। टीम इस नेट रन रेट को अफगानिस्तान के खिलाफ सुधार सकती थी लेकिन वहां भी टीम को जीत के लिये संघर्ष करना पड़ा। पाकिस्तान से हारने वाले इंग्लैंड और न्यूजीलैंड ने सेमीफाइनल में जगह बनाई जबकि 1992 की यह चैंपियन टीम खुद विश्वकप से बाहर हो गयी।