चंद्रयान-2 को अंतरिक्ष में भेजने के लिए इसरो तैयार, आज लॉन्च पैड पर स्थापित होगा रॉकेट
   Date07-Jul-2019

नई दिल्ली। चंद्रयान-1 अभियान में हुई थी चांद की सतह पर पानी की मौजूदगी की खोज।
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के महत्वकांक्षी मिशन चंद्रयान-2 के लॉन्चिंग में अब मात्र एक हफ्ते का समय बचा है। चंद्रयान-2 को जियोसिंक्रोनस सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल (जीएसएलवी) एमके- ढ्ढढ्ढढ्ढ रॉकेट से अंतरिक्ष में भेजा जाना है। इसके लिए रविवार को श्री हरिकोटा के लॉन्च पैड पर जीएसएलवी मार्क तीन को स्थापित किया जाएगा।
इसरो के अध्यक्ष डॉक्टर के. सिवन ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ स्पेस साइंस एंड टेक्नोलॉजी के सातवें दीक्षांत समारोह में कहा कि चंद्रयान-2 को प्रक्षेपण यान के साथ एकीकृत कर दिया गया है। जिसे रविवार को लॉन्च पैड पर ले जाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि चंद्रयान-2 को 15 जुलाई को लॉन्चिग के लिए तैयार किया गया है। मिशन की सफलता को सुनिश्चित करने के लिए ऑपरेशनल तैयारियों की जांच 13 जुलाई को की जाएगी। अभी तक सब कुछ हमारी बनाई योजना के अनुसार ही चल रहा है।
के. सिवन ने कहा चंद्रयान-2 के जरिये इसरो चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर जा रहा है जहां आज तक कोई नहीं पहुंच पाया है। अगर हम उस जोखिम को लेते हैं तो वैश्विक वैज्ञानिक समुदाय को लाभ होगा। जोखिम और लाभ जुड़े हुए हैं।