इसी वर्ष 30 खरब डॉलर की होगी भारतीय अर्थव्यवस्था - सीतारमण
   Date05-Jul-2019

नई दिल्ली 5 जुलाई (वा) वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में शुक्रवार को वर्ष 2019-20 का आम बजट पेश करते हुए कहा कि गांव, गरीब और किसान मोदी सरकार के केन्द्र बिन्दु हैं और देश की अर्थव्यवस्था इसी वर्ष 30 खरब डॉलर की हो जाएगी।
श्रीमती सीतारमण ने 49 वर्षों के बाद एक महिला वित्त मंत्री के रूप में अपना पहला आम बजट पेश करते हुए कहा कि वर्ष 2014 में देश की अर्थव्यवस्था 1.8 खरब डॉलर की थी, जो वर्ष 2019 में बढ़कर 2.7 खरब डॉलर की हो गई है और इसी वर्ष यह 30 खरब डॉलर की हो जाएगी। अगले कुछ वर्षों में भारतीय अर्थव्यवस्था के 50 खरब डॉलर के बनने की उम्मीद जताते हुए उन्होंने कहा कि 55 वर्षों में यह 10 खरब डॉलर पर पहुंची थी। पिछले कुछ वर्षों में अर्थव्यवस्था के विकास में जबरदस्त तेजी आई है।
उन्होंने कहा कि 50 खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था तक पहुंचने का लक्ष्य, बुनियादी ढांचे में भारी निवेश, डिजिटल अर्थव्यवस्था, रोजगार सृजन, नागरिकों की आशाओं, विश्वास और आकांक्षाओं से परिपूर्ण है। उन्होंने कहा कि गांव, गरीब और किसान इस सरकार की सभी योजनाओं के केन्द्र बिन्दु हैं और उन्हें ध्यान में रखते हुए की कार्ययोजनाएं बनाई जा रही हैं।
उन्होंने हर तरह की कनेक्टिविटी को अपनाये जाने का हवाला देते हुए कहा कि 80,250 करोड़ रुपए की लागत से 1.25 लाख किलोमीटर सड़क को प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तीसरे चरण में उन्नत किया जाएगा। 97 प्रतिशत गांवों को बारह-मासी सड़क से जोड़ा गया है, शेष गांवों को इसी साल जोडऩे का लक्ष्य है।
उन्होंने महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर अंत्योदय को सरकार का लक्ष्य बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत 1.5 करोड़ मकान बने, 2019-20 से 2021-22 के बीच 1.95 करोड़ मकान बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
वित्त मंत्री ने सत्ता में भाजपा की वापसी को उज्जवल और स्थिर नए भारत की उम्मीद बताते हुए शेर पढ़ा- उम्मीद हो तो कोई रास्ता निकलता है, हवा की ओट लेकर भी चिराग जलता है। उन्होंने आम चुनाव में भाजपा को मिले प्रचंड बहुमत का उल्लेख करते हुए कहा कि इस चुनाव में मतदान का प्रतिशत सबसे अधिक रहा, सभी वर्गों के मतदाताओं का साथ मिला। देशवासियों ने राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक विकास के दो लक्ष्यों पर मुहर लगाई है।
उन्होंने गैस और जल का राष्ट्रीय ग्रिड तैयार करने का वादा करते हुए कहा कि मेक इन इंडिया के तहत स्वच्छ पेयजल, जल प्रबंधन, स्वच्छ नदियां, ब्लू इकॉनोमी, अंतरिक्ष कार्यक्रम, गगनयान, चंद्रयान और सेटेलाइट कार्यक्रमों पर खासतौर पर ध्यान दिया गया। भविष्य में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि सिर्फ आधुनिक बैटरी और पंजीकृत इलेक्ट्रिकल वाहनों पर फेम 2 के तहत सरकार की ओर से छूट मिलेगी।
श्रीमती सीतारमण ने देश में हर साल ग्लोबल इन्वेस्टमेंट मीट आयोजित करने का प्रस्ताव करते हुए कहा कि कारोबारियों को प्रतिवर्ष 20 लाख करोड़ रुपए की जरूरत है। रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए वर्ष 2018 से 2030 के दौरान 50 लाख करोड़ रुपए निवेश करने की आवश्यकता होगी और इसके लिए पीपीपी मॉडल को अपनाना होगा। उन्होंने कहा कि समाजसेवी संस्थान सेबी में पंजीकरण कराकर इक्विटी, डेट और म्युचुअल फंड के जरिए पूंजी जुटा सकेंगे और इनके लिए उन्होंने सोशल स्टॉक एक्सचेंज बनाने की भी घोषणा की।