पुरी में जगन्नाथ रथयात्रा उत्सव में उमड़ा जनसैलाब
   Date04-Jul-2019

पुरी द्य 4 जुलाई (वा)।
ओडिशा की तीर्थ नगरी पुरी में तीन किलोमीटर लंबी भव्य सड़क गुरुवार को मानव रथ के रूप में बदल गई और देश भर से आये 10 लाख से अधिक श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ की वार्षिक रथ यात्रा में शामिल हुए। रंग बिरंगे फूलों से सजाए गए तीनों प्रमुख देवता भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई भगवान बलवद्र और उनकी बहन देवी सुभद्रा के रथों को उनके मूल निवास से उनके जन्मस्थान गुंडिचन मंदिर तक ले जाया गया। मंदिर के जगनमोहन, नटमंडप और भोगमंडप शीर्ष समेत सभी चारों दरवाजों को फूलों से सजाया गया था। जैसे ही भगवान जगन्नाथ पहांदी जुलूस में सिंहद्वार (मंदिर के मुख्य द्वार) से बाहर आए, उनके विशाल पुष्प का झूला झुलाते हुए उनके भक्तों ने 'हरि बोल, जगन्नाथÓ और 'हुलहुलीÓ के धार्मिक भजन गाए जिसकी गूंज चारों ओर सुनायी देने लगी।पहांदी में भक्तों के बीच भगवान जगन्नाथ की एक झलक पाने के लिए हल्की धक्कामुक्की भी हुई।
आसमान में घने बादल छाये रहे और नमी बहुत अधिक थी।निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, आज सुबह सेवादारों ने मंगल आरती, मेलुम, अब्काश, सूर्य पूजा और वस्त्र पहने देवताओं का प्रदर्शन किया और फिर देवताओं को खिचड़ी भोग लगाया।तत्पश्चात सभी देवताओं को पहांदी ले जाया गया जहां सबसे पहले बड़े भाई बलभद्र, उसके बाद बहन सुभद्रा और अंत में भगवान जगन्नाथ की सेवादारों ने पूजा अर्चना की।
भगवान जगन्नाथ रथयात्रा की शुरुआत रूपाणी और पटेल ने की
गृह मंत्री शाह पत्नी सोनलबेन के साथ मंदिर में तड़के चार बजे मंगला आरती में शामिल
अहमदाबाद 4 जुलाई (वा) गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी और उपमुख्यमंत्री नितिनभाई पटेल ने अहमदाबाद शहर में गुरुवार को आषाढ़ी दूज के मौके पर कड़ी सुरक्षा के बीच 'पहिंदÓ विधि कर जमालपुर स्थित ऐतिहासिक जगन्नाथ मंदिर की 142वीं वार्षिक रथयात्रा की शुरुआत की।
इससे पहले केन्द्रीय गृह मंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने अपनी पत्नी सोनलबेन के साथ मंदिर में तड़के चार बजे मंगला आरती में भाग लिया, जहां मुख्य पुजारी महंत दिलीप दास ने उनको सम्मानित किया। भगवान की तीनों प्रतिमाओं की आंखों पर बंधी पट्टी खोलने की विधि के बाद पौने छह बजे भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा और भाई बलराम को रथों पर विराजमान किया गया। उसके बाद श्री रूपाणी और श्री पटेल ने सुबह सात बजे एक साथ सोने के झाड़ू से मार्ग साफ करने की 'पहिंदÓ विधि कर रथ को खींचकर भगवान की इस रथयात्रा की शुरुआत की।
भगवान जगन्नाथ, भाई बलराम और बहन सुभद्रा के तीन रथों की अगुवाई करीब 18 सजे हुए गजराज यात्रा में सबसे आगे हैं। उसके बाद 101 प्रकार की झांकियां, इस दौरान कसरत के प्रयोग दिखाते हुए 30 अखाड़े, 18 भजन मंडली, तीन बैंडबाजे भी भगवान के रथ के साथ करीब ढाई हजार से अधिक साधु-संत हरिद्वार, अयोध्या, नासिक, उज्जैन, जगन्नाथपुरी और सौराष्ट्र से इस रथयात्रा में आए हैं। इस रथयात्रा के लिए प्रसाद के भी खास इंतजाम किए गए हैं। करीब 30 हजार किलोग्राम मूंग, 500 किलोग्राम जामुन, 300 किलोग्राम आम, 400 किलोग्राम ककड़ी, अनार और खिचड़ी का प्रसाद रथयात्रा के दौरान बांटा जा रहा है। मंदिर की वेबसाइट पर भक्त ऑनलाइन रथयात्रा के दर्शन का लाभ ले रहे हैं। रथयात्रा के जुलूस की लंबाई करीब एक किलोमीटर है। दोपहर को रथयात्रा भगवान के ननिहाल मौसा के घर सरसपुर पहुंच जाएगी तथा देर शाम तक वापस निज मंदिर लौटी। यात्रा मार्ग की आने-जाने की कुल लंबाई करीब 18 किमी है। इसे देखने के लिए लाखों श्रद्धालु सड़कों पर उमड़ पड़े। राज्य के सबसे बड़े शहर अहमदाबाद में हर वर्ष लाखों लोगों की भीड़ के साथ निकलने वाली प्रसिद्ध जगन्नाथ रथयात्रा की सुरक्षा के लिए 25 हजार सुरक्षाकर्मियों और राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड कमांडो की तैनाती के साथ ही इजराइली बलून, ड्रोन की 18 टीमों के साथ ड्रोन गार्ड प्रणाली का भी उपयोग किया गया। महानगर पालिका ने आधुनिक कैमरों से नेटवर्क तैयार किया है, जिसके माध्यम से राज्य के मुख्यमंत्री, गृह मंत्री और पुलिस महानिदेशक गांधीनगर में बैठकर तथा मनपा आयुक्त और पुलिस आयुक्त पल-पल की खबर रख रहे हैं। रथयात्रा रूट पर स्थायी रूप से 45 जगहों पर 94 आधुनिक सीसीटीवी कैमरे ऑप्टिकल फायबर के नेटवर्क से लगाये गए हैं, जो मनपा के कमान एंड कंट्रोल रूम से जुड़े हैं। इन कैमरों को शाहीबाग पुलिस कंट्रोल रूम, तंबू चौकी, सर्किट हाउस, गांधीनगर मुख्यमंत्री आवास, पुलिस महानिदेशक और गृह मंत्री कार्यालय से भी जोड़ा गया है।