ऐसा दुव्र्यवहार बर्दाश्त नहीं
   Date04-Jul-2019

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भाजपा संसदीय की बैठक में कहा कि यह क्या हो रहा है, जिसके मन में जो आ रहा वह कर रहा है, फिर उसका समर्थन भी किया जा रहा है, वह कोई भी हो, किसी का बेटा हो, मनमानी नहीं चलेगी, यह कैसी भाषा है, पहले निवेदन, फिर आवेदन और फिर दनादन। ऐसे व्यक्ति को सम्मानित किया जाता है, क्या होगा अगर एक विधायक कम हो जाएगा, वह इकाई भंग कर देनी चाहिए जो स्वागत कर रही है। हालांकि प्रधानमंत्री ने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन प्रधानमंत्री का यह कथन इन्दौर के विधायक आकाश विजयवर्गीय के लिए है,जिन्होंने गंजी कम्पाउण्ड के जर्जर मकान को तोडऩे का विरोध करते हुए निगम अधिकारी की पिटाई की थी, इस मामले को सोशल मीडिया ने लगातार प्रसारित किया। हालांकि इस मामले में भाजपा नेताओं ने चुप्पी साध रखी थी। आकाश विजयवर्गीय के इस व्यवहार से उन्हें जेल भी जाना पड़ा। वहां से छूटने के साथ समर्थकों ने ऐसा स्वागत किया, मानों महाविजय कर लौटे हो। यह सारा घटनाक्रम मीडिया, यहां तक की दमोह और अन्य स्थानों पर भी कार्यकर्ता पहले निवेदन, फिर आवेदन, फिर दनादन की बात कहकर क्रिकेट बल्ला लेकर अफसरों के साथ धौंस दपट करने लगे। कानून अपने हाथ में लेने की प्रवृत्ति को देखकर उस पर नियंत्रण करना जरूरी था। इन्दौर में भी आकाश विजयवर्गीय के समर्थन में सारी पार्टी खड़ी दिखाई दी। इस प्रकार से भाजपा की राष्ट्रीय स्तर पर छवि प्रभावित हो रही थी, भाजपा पर अंगुलियां उठ रही थी। आकाश, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के बेटे है। इस स्थिति का संज्ञान लेकर प्रधानमंत्री की डांट दपट से पार्टी में अनुशासन की लक्ष्मण रेखा को भंग करने का साहस अब किसी कार्यकर्ता का नहीं होगा। इस संदर्भ में आकाश विजयवर्गीय का यह कथन पश्चाताप को ही व्यक्त करता है कि मोदीजी पिता तुल्य है। उनकी डांट भी प्यार की तरह है। उनके मार्ग पर चलने की हर संभव कोशिश पूरे राजनीतिक जीवन में करूंगा। भाजपा ग्यारह करोड़ सदस्यों की दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी है। केन्द्र से लेकर 17 राज्यों में उनकी सरकारें है। सत्ता के पद में अमर्यादित व्यवहार की संभावना अधिक रहती है। उस पर नियंत्रण रखना नेतृत्व का दायित्व है। यदि कोई कार्यकर्ता या नेता अमर्यादित व्यवहार करता है तो उससे मोदी सरकार की छवि प्रभावित हुए बिना नहीं रह सकती। इस स्थिति पर लगाम लगाना आवश्यक था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की डांट से उन पर भी नियंत्रण होगा, जो कांग्रेस संस्कृति के अनुसार राजनीति करते हैं। कांग्रेस के पतन का कारण यह भी रहा कि उसमें न अनुशासन की मर्यादा थी और न चरित्र की। सत्ता के मद में कार्यकर्ता भी स्वयं को सरकार समझकर व्यवहार करते थे।
दृष्टिकोण
अब भारत को नाटो देश का दर्जा
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 23 जून को प्रचंड बहुमत का जनादेश प्राप्त करते ही सरकारी कामकाज एवं जन अपेक्षा के अनुकूल नीतियां लागू में जुट गए। तीन तलाक का विधेयक लोकसभा में पारित होना, सीमा क्षेत्र के लोगों को आरक्षण और जम्मू-कश्मीर में छह माह के लिए राष्ट्रपति शासन और जारी रखने के विधेयक का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित होने और गृहमंत्री अमित शाह द्वारा संसद में यह कहकर राष्ट्रव्यापी बहस प्रारंभ कर दी है कि यह ध्यान रहे धारा 370 का अस्थायी प्रावधान है। देश को खतरा पहुंचाने वाले अलगाववादियों और देशद्रोही टुकड़े, टुकड़े गैंग में अमित शाह के कड़े तेवर से घबराहट है। दूसरी ओर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की विदेश कूटनीति के परिणाम भी देश के अनुकूल है। जी-20 सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की मुलाकात का परिणाम यह हुआ कि अमेरिका ने भारत को नाटो देश जैसा दर्जा दिया है। अमेरिकी संसद में भी भारत को नाटो देश जैसा दर्जा देने की अनुमति दे दी है। इससे अब रक्षा संबंधों के मामले में अमेरिका के साथ नाटो के अपने सहयोगी देश इजराइल, साउथ कोरिया की तर्ज पर ही डील करेगा। वित्त वर्ष 2020 के लिए नेशनल डिफेन्स अथाराइजेशन एक्ट को अमेरिकी सेनेट ने पिछले सप्ताह की मंजूरी दी थी। अब इससे संशोधन के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिल गई है। सेनेटर जान कानिन और मार्कवनिर की ओर से प्रस्तुत संशोधन विधेयक में कहा गया था कि हिन्द महासागर में भारत के साथ मानवीय सहयोग, आतंक के खिलाफ संघर्ष, काउन्टर इमरजेंसी और समुद्री सुरक्षा पर काम करने की जरूरत है। इस संदर्भ में उल्लेख करना होगा कि नाटो में 29 सदस्य देश है। इसका उद्देश्य सदस्य देशों राजनीतिक स्वतंत्रता और सैन्य सुरक्षा बनाए रखना है।