सीहोर जिले में नर्मदा खतरे के निशान से 12 फीट ऊपर बह रही
   Date31-Jul-2019

भोपाल द्य 30 जुलाई (वा)
मध्यप्रदेश में कल रात से हो रही व्यापक वर्षा आज भी कई स्थानों पर जारी रहने से सीहोर में बाढ़ के हालात बन गए हैं। सीहोर में पिछले चौबीस घंटों में 250 मिलीमीटर से अधिक पानी बरसा है। यहां नर्मदा नदी खतरे के निशान से 12 फीट ऊपर बह रही है। सीहोर शहर में बाढ़ के हालात हैं और कई घरों में पानी घुस गया है, जिसकी निकासी के लिए लोगबाग दिनभर जुटे रहे। पार्वती नदी भी ऊफन रही है। सीहोर की कुलांस नदी भी ऊफन रही है। इस नदी का पानी सीधे भोपाल के बड़े तालाब में पहुंच रहा है। बुरहानपुर में ताप्ती नदी का पानी उतर गया है और कल जिन तीन परिवारों को जिला प्रशासन ने सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया था, वे आज घर लौटने लगे हैं। इस बीच वर्षा भी हो रही है। इस बीच मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के दौरान मध्यप्रदेश में औरेंज कलर (भारी बारिश) के साथ भारी बारिश होने की फिर चेतावनी जारी कर दी है। इनमें कहीं-कहीं भारी से भारी बारिश भी हो सकती है। इंदौर, धार, आलीराजपुर, झाबुआ, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, बुरहानपुर, होशंगाबाद, हरदा, बैतूल, छिंदवाड़ा, जबलपुर, मंडला, बालाघाट, नरसिंहपुर, सिवनी, कटनी, भोपाल, रायसेन, राजगढ़, विदिशा, सीहोर, पन्ना, सागर, टीकमगढ़, दमोह और छतरपुर जिलों में कहीं-कहीं भारी और भारी से भारी बारिश हो सकती है।
मौसम विज्ञान भोपाल केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एके शुक्ला ने बताया कि अगले चौबीस घंटों के दौरान भी भोपाल, इंदौर, उज्जैन, होशंगाबाद, सागर और जबलपुर संभागों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। इस बीच पूर्वी मध्यप्रदेश और उसके आसपास कम दबाव का क्षेत्र बन गया है तथा द्रोणिका (मानसून ट्रफ लाइन) बाड़मेर, चित्तौडग़ढ़, विदिशा, पूर्वी मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा होते हुए बंगाल की खाड़ी तक पहुंच रही है।
श्री शुक्ला के अनुसार 4 अगस्त को बंगाल की खाड़ी पर एक और कम दबाव का क्षेत्र बन रहा है। पिछले चौबीस घंटों के दौरान प्रदेश में सबसे ज्यादा 250 मिमी वर्षा सीहोर में हुई है। भोपाल में 170 मिमी, खंडवा 160, रायसेन जिले के बरेली में 150, खरगोन 120, पंधाना 110, मंडला में 61, तथा होशंगाबाद एवं शाजापुर में 50-50 मिमी वर्षा हुई है।