सांसद लालवानी ने सदन में उठाया धर्मांतरण का मुद्दा
   Date31-Jul-2019

इंदौर द्य स्वदेश समाचार
इंदौर सांसद शंकर लालवानी ने सोमवार को संसद में पाकिस्तान में हिन्दू समाज पर हो रहे अत्याचार (धर्मांतरण-मंदिर-गुरुद्वारे में तोडफ़ोड़) आदि का मुद्दा उठाकर पूरे पाकिस्तान के हिन्दुओं के साथ-साथ भारत देश के हिन्दू समाज के हित में भारत सरकार का ध्यान आकर्षित कर जल्द से जल्द इस ज्वलनशील मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाने का निवेदन किया है। पाकिस्तान के सिंध प्रांत में धर्मांतरण की बढ़ती घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए लालवानी ने बताया कि 9 अप्रैल 1950 में हिंदुस्तान और पाकिस्तान के बीच जो नेहरू लियाकत समझौता हुआ था, जिसमें दोनों देशों की माइनॉरिटी पर जानमाल की रक्षा एवं पूजा-पाठ धर्म पर स्वतंत्रता का जिक्र है, लेकिन बड़े दुख के साथ बताना पड़ रहा है कि भारत देश में तो माइनॉरिटी के लोग अच्छी तरह पूजा कर रहे हैं और सड़कों पर नमाज भी पढ़ रहे हैं, लेकिन पाकिस्तान में मंदिर और गुरुद्वारे तोड़े जा रहे हैं और यही नहीं, लूटखसोट के साथ-साथ अपहरण कर हत्याएं भी की जा रही हैं और बालिकाओं का धर्म परिवर्तन किया जा रहा है। इसी महीने 50 से ज्यादा बच्चियों का जबरन धर्म परिवर्तन करवाया गया है।
वहां के एक मौलवी ने तो सार्वजनिक बयान दिया है कि उनका परिवार बरसों से धर्मांतरण करा रहा है और आगे की पीढ़ी भी यही करवाती रहेगी। श्री लालवानी कहा कि केंद्र की मोदी सरकार को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस मुद्दे को उठाकर पाकिस्तान सरकार पर जल्द से जल्द दबाव डालना चाहिए, जिससे मंदिरों एवं गुरुद्वारों पर तोडफ़ोड़ और हमले के साथ-साथ धर्मांतरण की घटनाएं न हों।