सार्वजनिक कंपनियों को संकट में डाल रही सरकार
   Date03-Jul-2019

नई दिल्ली ठ्ठ 2 जुलाई (वा)
संप्रग की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने लोकसभा में मंगलवार को रायबरेली की रेल कोच फैक्ट्री के कंपनीकरण का मुद्दा उठाते हुए सरकार पर चुनिंदा पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए सरकारी कंपनियों को संकट में डालने का आरोप लगाया।
उत्तर प्रदेश की रायबरेली संसदीय सीट से लोकसभा सदस्य श्रीमती गांधी ने बजट से महज तीन दिन पहले रेल बजट को आम बजट से अलग करने को लेकर भी मोदी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा संसद में अलग से रेल बजट पेश करने की इतनी पुरानी परंपरा रही है। उस प्रथा को पता नहीं इस सरकार ने क्यों अचानक समाप्त कर दिया? संप्रग अध्यक्ष ने शून्यकाल में रेलवे की कंपनियों के निजीकरण का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सरकार ने रेलवे की छह उत्पादक इकाइयों का कंपनीकरण करने का फैसला किया है।
इसमें रायबरेली की मॉडर्न रेल कोच फैक्ट्री भी शामिल है। उन्होंने कहा, "कंपनीकरण दरअसल निजीकरण की शुरुआत है जो देश की अमूल्य संपत्ति कौडिय़ों के भाव चंदी निजी हाथों के हवाले करने की पहली प्रक्रिया है। इससे हजारों-हजारों लोग बेरोजगार हो जाते हैं।"उन्होंने कहा कि रायबरेली की रेल कोच फैक्ट्री कई कामयाब परियोजनाओं में से एक है। इसे तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार ने देश का घरेलू उत्पादन बढ़ाने के लिए शुरू किया था। यह भारतीय रेल का सबसे आधुनिक कारखाना है जहाँ सबसे सस्ते और अच्छे कोच बनते हैं। वहाँ क्षमता से ज्यादा उत्पादन हो रहा है।