वन क्रांति का अलख जगा रहे कानवन के भागीरथी युवा...
   Date03-Jul-2019

 2015 में सिर्फ 100 पौधे लगाकर की थी 'आओ पेड़ लगाएंÓ अभियान की शुरुआत
 2016 में 14 हजार पौधे लगाए
 2017 में 11 हजार पौधों का रोपण किया
2018 में पुन: 11 हजार पौधे रोपे
 ५ से १५ फीट के हुए लगाए गए पौधे
 शक्तिसिंह परमार
मंगलवार द्य 2 जुलाई
यहां पर पौधे लगाए जा रहे हैं, लेकिन फोटो खिंचवाने की औपचारिकता के लिए नहीं...यहां पौधे लगाए जा रहे हैं..,लेकिन कागजी खानापूर्ति के लिए नहीं...यहां पौधे लगाए जा रहे हैं..,लेकिन उसको लावारिस हालत में छोडऩे के लिए नहीं...यहां पौधे लगाए जा रहे हैं..,लेकिन क्षणिक प्रशंसा पाने के लिए नहीं...बल्कि यहां पौधे लगाए जा रहे हैं..,उन्हें पौधे से वृक्ष बनाने के लिए...पौधों का वृक्ष बनने तक उनका परिवार के सदस्य की भांति पालन-पोषण के लिए...
बात हो रही है वनवासी अंचल धार जिले के कानवन की...जहां पर युवाओं की टोली 4 वर्षों में 36 हजार 100 पौधे स्थानीय कानवन एवं आसपास के ग्रामों, पहाडिय़ों व सड़कों के किनारे लगाकर उन्हें वृक्ष बनाने के लिए दिन-रात पौधों की सेवा में जुटी हुई है...इस कार्य के लिए ना तो वे किसी संस्था-संगठन से आर्थिक मदद ले रहे हैं...ना ही शासन-प्रशासन के स्तर पर उन्हें कोई आर्थिक सहयोग व संसाधन उपलब्ध कराया जा रहा है...फिर भी इन पर्यावरण प्रेमी युवाओं की जीवटता देखते ही बनती है...स्वयं के प्रयासों एवं स्वयं के आर्थिक सहभाग से धरती मां के हरित आवरण को लौटाने का इन युवाओं ने भागीरथी अभियान छेड़ रखा है... (शेष अंतिम पृष्ठ पर)