बड़़ा फैसला : 40 लाख टन चीनी का बफर स्टॉक बनेगा
   Date25-Jul-2019

नई दिल्ली 24 जुलाई (वा)
सरकार ने घरेलू बाजार में पूंजी की स्थिति सुधारने और गन्ना किसानों का बकाया चुकाने के लिए 40 लाख टन चीनी का बफर स्टॉक (भंडारण) बनाने का फैसला किया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आज यहां हुई आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। बैठक के बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि 1674 करोड़ रुपए की लागत से एक वर्ष के लिए 40 लाख टन चीनी का बफर स्टॉक बनाया जाएगा। इसकी अवधि एक अगस्त 2019 से लेकर 31 जुलाई 2020 तक होगी। उन्होंने बताया कि खाद्य एवं जनवितरण विभाग चीनी के बाजार की स्थिति को देखते हुए समय समय पर इस बफर स्टॉक की समीक्षा करेगा और बाजार की स्थिति को देखते हुए इसमें बदलाव करेगा या इसे वापस ले सकेगा। श्री जावडेकर ने कहा कि बफर स्टॉक के लिए ली गई चीनी का भुगतान चीनी मिलों के माध्यम से गन्ना किसानों को उनके बकाया की एवज में सीधे बैंक खातों में किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार के इस फैसले से चीनी बाजार में पूंजी की उपलब्धता बढ़ेगी और चीनी मिलों के भंडारण में कमी आएगी। चीनी बाजार में कीमतों में स्थिरता आएगी और किसानों को उनका बकाया मिल सकेगा।
चीनी सत्र 2019-20 के लिए गन्ने का एफआरपी 275 रुपए प्रति क्विंटल- सरकार ने चीनी सत्र 2019-20 के लिए गन्ना उत्पादक किसानों को उचित एवं लाभकारी (एफआरपी) मूल्य के तहत 10 प्रतिशत मूल रिकवरी वाले गन्ने का 275 रुपए प्रति क्विटंल दाम तय किया है।
आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल की बैठक में यह फैसला लिया गया। बैठक के बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने संवाददाताओं को बताया कि 10 प्रतिशत की मूल रिकवरी के गन्ने की 275 रुपए प्रति क्विटंल कीमत निर्धारित की गई है। दस प्रतिशत की मूल रिकवरी के बाद 0.1 प्रतिशत की अतिरिक्त रिकवरी के लिए किसानों को पौने तीन रुपए प्रति क्विंटल का अतिरिक्त भुगतान चीनी मिलें किसानों को करेंगी। सरकार ने यह स्वीकृति कृषि लागत एवं मूल्य आयोग(सीएसीपी) की सिफारिश पर दी है।
सब्सिडी के लिए आधार के इस्तेमाल को मंत्रिमंडल की मंजूरी-
सरकार ने सब्सिडी वाली योजनाओं का लाभ उठाने के लिए आधार के इस्तेमाल के लिए 'आधार और अन्य विधियां (संशोधन) विधेयक, 2019Ó में आधिकारिक बदलावों को बुधवार को मंजूरी दे दी। यह विधेयक 4 जुलाई को लोकसभा और 8 जुलाई को राज्यसभा में पारित हो चुका है। सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बैठक के बाद संवाददाताओं को बताया कि देश के 128 करोड़ लोगों के पास आधार है। विधेयक में नए संशोधनों से धोखाधड़ी पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी तथा पात्र लोगों को फायदा होगा।