ट्विटर पर मदद की गुहार से यूएई में भारतीय युवक को मिली दस नौकरियों की पेशकश
   Date02-Jul-2019

दुबई ठ्ठ 1 जुलाई (वा)
संयुक्त अरब अमीरात में जीविकोपार्जन के लिए गए केरल के 32 वर्षीय युवक राजेश पुथेनवीट्टीली के साथ अजब संयोग हुआ। अदालत के आदेश के बाद भी नियोक्ता के उसके अनुरोध पर गौर नहीं करने से राजेश के सामने अजीबोगरीब स्थिति उत्पन्न हो गई और 14 हजार दिरहम बकाया नहीं मिलने की वजह से वह देश खाली हाथ लौटने की तैयारी कर रहा था।
इस बीच राजेश ने ट्विटर पर मदद की गुहार लगाई और विदेश राज्यमंत्री वी. मुरलीधरन ने दुबई में भारतीय वाणिज्यदूत को उसकी मदद के लिए कहा। इसके बाद राजेश के सामने रोजगार की पेशकश की झड़ी लग गई और नौकरी के लिए करीब दस आफर आए। खलीज टाईम्स ने शुक्रवार को राजेश की कहानी ऑनलाइन प्रकाशित की। राजेश पिछले वर्ष दुबई में बिक्री सहायक की नौकरी के लिए पहुंचा किंतु एक साल से कम समय में ही कंपनी को नए नियोक्ता के अधिग्रहण करने पर वेतन मिलना बंद हो गया। उसने छह माह का समय बुरी स्थिति में गुजारा और वह अपने मित्रों और समुदाय के लोगों के सहारे ही रहा। अखबार ने राजेश के बारे में अपनी रिपोर्ट में लिखा परिवार के लोगों से संपर्क करने के लिए मैं नजदीक के एक माल में जाता था जहां मुफ्त वाईफाई होने से वाटसएप पर परिवार के लोगों से चैट करता। मेरे पास मोबाइल चार्ज करने के लिए पैसा नहीं था। वह अपने परिवार में अकेला कमाने वाला था। परिवार में उसके बूढ़े माता-पिता,पत्नी और एक बच्चा है। मकान खरीदने के लिए सात लाख रुपए के बैंक ऋण का भार भी था। मेरा परिवार चाहता था कि सब कुछ छोड़कर देश वापस आ जाएं। वह पैसा अथवा अन्य कुछ नहीं चाहते थे। हर रोज वह रोते और मुझसे वापस आने के लिए कहते किंतु मेरे वापस जाने का तब तक कोई रास्ता नहीं था जब तक भारतीय वाणिज्य दूतावास का मुझसे संपर्क नहीं हो जाता।