ट्रिपिंग के लिए चमगादड़ जिम्मेदार
   Date12-Jul-2019

भोपाल द्य 11 जुलाई (वा)
प्रदेश में लगातार बिजली कटौती के चलते परेशान हो रहे लोगों के घावों पर कमलनाथ सरकार ने नमक छिड़कने वाला जवाब सदन में दिया है। मध्यप्रदेश विधानसभा में आज सरकार द्वारा बिजली गुल होने का एक कारण चमगादड़ों को बताये जाने के मुद्दे और इसी विषय पर वित्त मंत्री तरुण भनोत की एक कथित टिप्पणी को लेकर जमकर हंगामा हुआ। साथ ही विधानसभा में आज मुख्य विपक्षी दल भाजपा विधायकों ने ग्रामीण क्षेत्रों में थ्री फेस बिजली मुहैया कराने के मामले में सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए आरोप लगाया कि वह वचन-पत्र के अनुरूप बिजली मुहैया नहीं करा पा रही है।
ह्न प्रश्नकाल के दौरान भाजपा विधायक यशपाल सिंह सिसौदिया ने लोकसभा चुनाव के दौरान बिजली कटौती, लापरवाहियों के आरोप में कई बिजली कर्मचारियों के निलंबन और कई कर्मचारियों पर प्राथमिकी दर्ज किए जाने के बारे में सरकार से जानकारी मांगी। प्रश्नकर्ता विधायक ने कहा कि सरकार बिजली कटौती को लेकर असामाजिक तत्वों को जिम्मेदार ठहरा रही है। उन्होंने दावा किया कि पूर्व सरकार के दौरान बिजली नहीं जाती थी, क्या मात्र सात महीने में असामाजिक तत्व उत्पन्न हो गए।
ह्न एक पूरक सवाल के जवाब में मंत्री श्री सिंह ने कहा कि बिजली कंपनियां चार तरीकों से अकुशल, अर्धकुशल, कुुशल और उच्च कुशल श्रेणी में कर्मचारियों को आउटसोर्स करती है। अब से आईटीआई प्रशिक्षित लोगों को ही लाइनवर्क में लगाया जाएगा। ट्रिपिंग अब ज्यादा नहीं है और चमगादड़ों की समस्या पूरे मध्यप्रदेश की न होकर सिर्फ उत्तर भोपाल में तालाब किनारे की है। वहां इंसुलेशन के आदेश दे दिए गए हैं।
ह्न इसी मुद्दे को लेकर वर्ष 2019-2020 के आय-व्ययक पर सामान्य चर्चा के दौरान पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि सरकार बिजली कटौती के मुद्दे पर भाजपा कार्यकर्ताओं को दोषी ठहराते हुए अपनी जिम्मेदारियों से भाग रही है। उन्होंने इस दौरान बिजली कटौती पर सरकार के जवाब को लेकर जमकर कटाक्ष किए।
ह्न प्रश्नकाल में वरिष्ठ विधायक एवं पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह ने यह मामला उठाते हुए जानना चाहा कि क्या सरकार वचन-पत्र के अनुरूप ग्रामीण क्षेत्रों में सिंचाई के लिए बिजली मुहैया करा पा रही है। ऊर्जा मंत्री प्रियव्रत सिंह ने कहा कि इस मामले में परीक्षण कराया जा रहा है और प्रयोग के तौर पर पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी बालाघाट में 10 घंटे थ्री फेस बिजली मुहैया करा रही है। इसके अलावा मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी हरदा और होशंगाबाद जिलों में इस तरह का प्रयोग कर रही है।
ह्न मूल प्रश्नकर्ता श्री सिंह ने मंत्री की बात का ही जिक्र करते हुए कहा कि सरकार ने वचन-पत्र में 12 घंटे बिजली मुहैया कराने की बात कही है, छह माह में भी इस पर अमल नहीं हो पाया है। बजट में भी सरकार ने दस घंटे बिजली मुहैया कराने की बात कही है।
ह्न इस पर मंत्री ने कहा कि सरकार वचन-पत्र के अनुरूप बिजली मुहैया कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इस संबंध में पहले भी कदम उठाए गए हैं और शीघ्र ही निर्णय लिया जाएगा। इस पर भाजपा के अनेक सदस्य एक साथ बोलने लगे, जिसका सत्तारूढ़ दल कांग्रेस के सदस्यों ने भी प्रतिकार किया। इस दौरान दोनों ओर के सदस्यों के बीच नोंकझोंक भी देखने को मिली।
ह्न वित्त मंत्री तरुण भनोत ने भी कुछ कहा। भाजपा सदस्यों की आपत्ति पर अध्यक्ष ने कहा कि वरिष्ठ सदस्यों को हस्तक्षेप करने से बचना चाहिए। इस बीच ऊर्जा मंत्री ने कहा कि पूर्व सरकार की नीतियों के कारण बिजली विभाग की खस्ताहाल विरासत में मिली है। पंद्रहवें वित्त आयोग ने भी कहा है कि पारेषण एवं वितरण हानियां 36 प्रतिशत हैं, जो काफी ज्यादा हैं। इन सबको सुधारने का कार्य सरकार कर रही है। इस बात को लेकर फिर दोनों पक्षों में तीखी नोंकझोंक हुई। बाद में अध्यक्ष की समझाइश के बाद सदस्य शांत हो गए और सदन की कार्यवाही आगे बढ़ गई।