वीर सावरकर
   Date01-Jul-2019

प्रेरणादीप
म हान राष्ट्रपुरुष स्वातंत्र्य वीर सावरकर प्रथम ऐसे मेधावी व्यक्ति हुए हैं, जिन्होंने कोल्हू में बैल की जगह जुतने, चूने की चक्की चलाने, रामबांस कूटने, कोड़ों की मार सहने आदि क्रूरता शारीरिक व मानसिक पीड़ा सहते हुए भी दस-सह पंक्तियों को कंठस्थ कर के यह सिद्ध कर दिया कि सृष्टि के आदिकाल में आर्यों ने वाणी (कण्ठ) के द्वारा बीस हजार से अधिक मंत्रों वाले वेदों को किस प्रकार जीवित रखा।
वे पहले ऐसे कैदी थे, जिन्होंने अण्डमान जेल की दीवारों पर कील की लेखनी से साहित्य सृजन किया।