जीएसटी में और सुधार की जरूरत - उद्योग जगत
   Date01-Jul-2019

नई दिल्ली ठ्ठ 30 जून (वा)
उद्योग जगत ने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने की दूसरी वर्षगांठ पर सरकार को बधाई देते हुए इसे सरल बनाने की दिशा में जीएसटी परिषद् के काम की सराहना की है तथा कहा है कि अब 'जीएसटी 2.0Ó की ओर बढ़ते हुए इसमें स्लैबों की संख्या कम की जाए, पेट्रोलियम, रियल इस्टेट और बिजली को शामिल किया जाए तथा 'एक देश, एक पंजीकरणÓ की व्यवस्था हो।
देश में नई अप्रत्यक्ष कर प्रणाली जीएसटी 01 जुलाई 2017 को लागू की गई थी। इसमें कर के चार स्लैब पांच प्रतिशत, 12 प्रतिशत, 18 प्रतिशत और 28 प्रतिशत तय किए गए हैं। भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के अध्यक्ष विक्रम किर्लोस्कर ने कहा- हम जीएसटी को सफलतापूर्वक लागू करने तथा महज दो साल में इसे स्थिरता प्रदान करने के लिए जीएसटी परिषद् और केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड की प्रशंसा करते हैं। ...जीएसटी परिषद् उद्योग जगत के समक्ष आने वाले हर मुद्दे को स्वयं पहल कर हल कर रही है।
जीएसटी 2.0 भारतीय अर्थव्यवस्था को विकास के अगले स्तर पर ले जायेगा।उद्योग संगठन फिक्की के अध्यक्ष संदीप सोमानी ने भी परिषद् के काम की तारीफ करते हुये कहा जीएसटी परिषद् एवं कर प्रशासकों ने पिछले दो साल में इसे लगातार सरल बनाने, करों की दरों को तर्कसंगत करने और कर आधार बढ़ाने के लिए जिस तरह से काम किया है वह प्रशंसनीय है। अब हमें जीएसटी ढाँचे के निहित उद्देश्य की ओर बढऩे की जरूरत है जिससे सही मायने में देश में कारोबार करना आसान हो सके।