आखिरी करिश्मे के लिये उतरेगा श्रीलंका
   Date01-Jul-2019

चेस्टर ली स्ट्रीट ठ्ठ 30 जून (वार्ता)
आईसीसी विश्वकप में किसी करिश्मे का इंतज़ार कर रही श्रीलंकाई टीम सोमवार को होड़ से बाहर हो चुकी वेस्टइंडीज़ के खिलाफ अपनी आखिरी बची उम्मीदों के लिये उतरेगी।
श्रीलंका को पिछले मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ नौ विकेट से शिकस्त झेलनी पड़ी थी जिससे उसे गहरा झटका लगा है और अब उसके लिये सेमीफाइनल में जगह बनाने की राह लगभग समाप्त हो चुकी है, लेकिन बाकी बचे दोनों मैचों में जीत और अन्य टीमों के परिणामों के हिसाब से उसे फिलहाल मुकाबले से बाहर नहीं किया जा सकता है। श्रीलंकाई टीम ने सात मैचों में दो जीते हैं और तीन हारे हैं जबकि दो रद्द रहे थे जिसके बाद वह तालिका में छह अंक लेकर सातवें नंबर पर है। तालिका में आस्ट्रेलिया के सेमीफाइनल में जगह पक्की करने के बाद फिलहाल तीन स्थानों पर भारत, न्यूजीलैंड और पाकिस्तान हैं लेकिन चौथे पायदान को लेकर अभी स्थिति साफ नहीं है जिसपर कई टीमों के बीच संघर्ष चल रहा है। दूसरी ओर विंडीज़ की टीम मुकाबले से पहले ही बाहर है और उसके पास खोने के लिये कुछ नहीं है, लेकिन वह श्रीलंका के लिये करो या मरो के मुकाबले में उसे ज़रूर बाहर पहुंचा सकती है। विंडीज़ को अपने आखिरी मैच में भारत के हाथों 125 रन से एकतरफा हार झेलनी पड़ी थी जबकि इंग्लैंड को 20 रन से हरा मेज़बान टीम के समीकरण बिगाडऩे वाली श्रीलंकाई टीम अपने आखिरी मैच में अफ्रीकी टीम से एकतरफा अंदाज़ में हार गयी जो निराशाजनक प्रदर्शन के बाद टूर्नामेंट से बाहर हो गयी है। दिमुथ करूणारत्ने की टीम के प्रदर्शन में निरंतरता का अभाव है, खासकर टीम के बल्लेबाज़ बड़े स्कोर और अहम मौकों पर साझेदारियां कर पाने में असमर्थ रहे हैं। विंडीज़ टीम के चुनौतीपूर्ण गेंदबाज़ों के सामने कप्तान का प्रयास बल्लेबाज़ी में सुधार पर लगा होगा। कुशल परेरा पिछले पांच मैचों में 38.2 के औसत से 191 रन बनाकर टीम के शीर्ष स्कोरर हैं जिसमें दो अर्धशतक शामिल हैं। टीम में केवल तीन ही बल्लेबाज़ हैं जिन्होंने इस विश्वकप में अर्धशतक लगाये हैं इसमें कप्तान करूणारत्ने दूसरे बल्लेबाज़ हैं जो दो अर्धशतकों के साथ 180 रन बनाकर दूसरे शीर्ष स्कोरर हैं। इसके अलावा अनुभवी एंजेलो मैथ्यूज़ और मेंडिस हैं। पिछले मैच में टीम के लिये परेरा और फर्नांडो की 30-30 रन की पारियां सबसे बड़ा स्कोर रहा था। यदि श्रीलंका को अपनी आखिरी उम्मीद बरकरार रखनी है तो निश्चित ही बल्लेबाज़ी में उसे व्यापक सुधार करना होगा। अनुभवी तेज़ गेंदबाज़ लसित मलिंगा ने अब तक काफी प्रभावित किया है और उनपर मुश्किल स्थितियों को संभालने का काफी दबाव दिखता है। पांच मैचों में उन्होंने नौ विकेट हासिल किये हैं। नुवान प्रदीप की अनुपस्थिति में टीम के गेंदबाज़ों पर काफी दबाव होगा। उम्मीद की जा सकती है कि सुरंगा लकमल, धनंजय डीसिल्वा भी व्यक्तिगत पर और बेहतर प्रदर्शन करें।