बेरोजगार युवक रिक्त शासकीय भूमि का उपयोग कर सकेंगे- मुख्यमंत्री
   Date09-Jun-2019
भोपाल द्य 8 जून (वा)
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगार युवकों को रोजगार उपलब्ध करवाने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में रिक्त शासकीय भूमि पर उद्यानिकी फसलों के लिए उपयोग का अधिकार देने का प्रारूप बनाने के निर्देश दिए है।
श्री कमलनाथ आज मंत्रालय में ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज विभाग की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को शासकीय भूमि उपयोग का अधिकार देकर उन्हें बड़े पैमाने पर रोजगार उपलब्ध करवा सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस भूमि पर सरकार का मालिकाना हक होगा। समय विशेष के लिए इस भूमि के उपयोग का अधिकार देकर उन्हें ऐसी फसलों के लिए प्रोत्साहित कर सकते हैं जो नकदी है और उन्हें कम समय में लाभ दे सकती हैं। उन्होंने ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत गठित स्व-सहायता समूहों को 24 प्रतिशत ब्याज दर पर दिए जाने वाले ऋ ण को घटाकर 12 प्रतिशत करने को कहा। उन्होंने कहा कि ज्यादा ब्याज दर के कारण कई स्व-सहायता समूह लाभ के बजाए कर्जदार हो जाते हैं। उन्होंने वर्तमान में स्व-सहायता समूहों पर कर्ज भार का इसका आंकलन करके रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबों और आवासहीनों को आवासीय पट्टा देकर अपना घर बनाने के लिए आर्थिक सहायता देने को कहा। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में आवासहीनों को पट्टा वितरण करने का अभियान चलाया जाए। उन्होंने इसकी योजना समय-सीमा में तैयार करने को कहा। मुख्यमंत्री ने मध्याह्न भोजन योजना में बच्चों को रूचिकर भोजन देने को कहा। उन्होंने का पौष्टिकता के साथ बच्चों की खाने की रूचि का भी ध्यान रखा जाना चाहिए ताकि उन्हें पौष्टिक तत्व मिल सकें। उन्होंने प्रदेश के मजरे-टोलों को राजस्व ग्राम घोषित करने पर भी विचार करने को कहा।
उन्होंने कहा कि इससे हम राज्य और केन्द्र की योजनाओं का लाभ वहां के रहवासियों को दे सकेंगे। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों के रख-रखाव भी करने के लिए स्थायी नीति बनाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने टेक होम राशन के मामले में व्यवहारिक नीति बनाने को कहा ताकि इसे सफल बनाया जा सके।