पाकिस्तान सरकार प्रायोजित आतंकवाद सबसे बड़ा खतरा
   Date09-Jun-2019
माले द्य 8 जून (वा)।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को शनिवार को यहां मालदीव के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'रूल ऑफ निशान इज्जुद्दीनÓ देेकर नवाजा गया। दूसरी बार प्रधानमंत्री बने श्री मोदी को मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद सोलिह ने सम्मानित किया। मालदीव की ओर से किसी विदेशी हस्ती को मिलने वाला यह सर्वोच्च सम्मान है। द्विपक्षीय वार्ता के बाद दोनों पक्षों ने कुछ समझौता ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर किये तथा दोनों नेताओं ने दो रक्षा परियोजनाओं के उद्घाटन भी किए। श्री मोदी ने कहा कि वह मालदीव की ओर से दिखाए गये उत्साह से वह अभिभूत हैं और यह पुरस्कार पूरे भारत के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा, यह सिर्फ मुझे सम्मानित करने वाला सम्मान नहीं है बल्कि यह हमारे दोनों देशों के बीच की दोस्ती और संबंधों को दिया गया सम्मान है। उन्होंने यह भी कहा, भारत-मालदीव के संबंध अमर रहें। उधर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद को वर्तमान समय की सबसे बड़ी चुनौती बताते हुए पाकिस्तान का नाम लिए बिना शनिवार को कहा कि सरकार प्रायोजित आतंकवाद से निपटने के लिए एकजुट होने की जरूरत है और इसे धन तथा प्रश्रय देने वालों को अलग-थलग किया जाना चाहिए। श्री मोदी ने मालदीव की संसद 'मजलिसÓ को संबोधित करते हुए कहा कि आतंकवादियों के न तो अपने बैंक होते हैं और ना ही हथियारों की फैक्टरी, फिर भी उन्हें धन और हथियारों की कभी कमी नहीं होती। उन्होंने सवाल किया कि वे यह सब कहां से पाते हैं और उन्हें ये सुविधाएं कौन देता है। उन्होंने कहा, सरकार प्रायोजित आतंकवाद सबसे बड़ा खतरा बना हुआ है। यह बहुत बड़ा दुर्भाग्य है कि लोग अभी भी 'अच्छे आतंकवादीÓ और 'बुरे आतंकवादीÓ का भेद करने की गलती कर रहे हैं।
पानी अब सिर से ऊपर निकल रहा है। आतंकवाद और चरमपंथ से निपटना विश्व के नेतृत्व की सबसे खरी कसौटी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि सभी देशों को आतंकवाद से उसी तरह एकजुट होकर निपटने की जरूरत है जिस तरह जलवायु परिवर्तन से निपटने की कोशिश की जा रही है। आतंकवाद को हराने और इसे पोषित करने वाली शक्तियों को दूर रखने की जरूरत है। इस अवसर को भारत और मालदीव को जाने नहीं देना चाहिए।
हिन्द महासागर में रक्षा सहयोग प्रगाढ़ करेंगे भारत मालदीव
वहीं भारत और मालदीव ने अपने सैन्य संबंधों को विस्तार देते हुए हिन्द महासागर में तटीय निगरानी राडार का शनिवार को यहां शुभारंभ किया और वाणिज्यिक पोतों की सुरक्षा तथा जलीय सर्वेक्षण के लिए दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच सहयोग के समझौतों पर हस्ताक्षर किये। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहली पूर्ण द्विपक्षीय यात्रा के मौके पर राष्ट्रपति मोहम्मद इब्राहिम सोलिह के साथ उनकी प्रतिनिधिमंडल स्तर की द्विपक्षीय बैठक के दौरान दोनों देशों ने सहयोग के छह करारों पर हस्ताक्षर किये। इन समझौतों में भारतीय नौसेना एवं मालदीव राष्ट्रीय रक्षा बल के बीच जलीय सर्वेक्षण एवं वाणिज्यिक पोतों की सुरक्षा के लिए सहयोग, स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग, मालदीव के दो बंदरगाहों पर यात्री एवं कार्गों सेवा आरंभ करने, सीमाशुल्क प्रबंधन में क्षमता विस्तार तथा मालदीव के लोकप्रशासकों के करार शामिल हैं।