धोनी के बलिदान बैज के साथ पूरा देश
   Date08-Jun-2019
मुंबई द्य 7 जून (वा)
बीसीसीआई ने महेंद्र सिंह धोनी के दस्तानों पर भारतीय सेना के बलिदान बैज को लेकर पैदा हुए अनावश्यक विवाद में हस्तक्षेप करते हुए अपने विकेटकीपर बल्लेबाज का समर्थन किया है, वहीं इस बीच खेल मंत्री किरन रिजिजू ने भी बोर्ड से इस मामले में उचित कदम उठाने की अपील की है। धोनी के साथ पूरा देश और बीसीसीआई के साथ गृह मंत्रालय भी उतर गया है। सेना ने भी इसे समर्थन दे दिया है। अब गेंद आईसीसी के पाले में है।
इंग्लैंड एंड वेल्स में चल रहे विश्वकप में हिस्सा ले रही भारतीय टीम के खिलाड़ी धोनी के ग्लव्स पर लगे भारतीय सेना के बैज को लेकर वैश्विक संस्था ने आपत्ति जताई थी, जिसके बाद अनावश्यक विवाद पैदा हो गया है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने बीसीसीआई से अपील की है कि वह धोनी से उनके दस्तानों पर बने सेना के बैज को हटाने के लिए कहे। आईसीसी नियम के मुताबिक खिलाडिय़ों के कपड़ों या अन्य वस्तुओं पर अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान राजनीति, धर्म या नस्लभेद आदि का संदेश अंकित नहीं होना चाहिए।
हालांकि बीसीसीआई का संचालन कर रही प्रशासकों की समिति (सीओए) के प्रमुख विनोद राय ने शुक्रवार को पुष्टि की कि बीसीसीआई ने आईसीसी को पत्र लिखा है और धोनी को उनके भारतीय सेना के बैज लगे ग्लव्स पहनकर खेलने की अनुमति देने की मांग की है। आईसीसी के विरोध जताने के बाद सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर वैश्विक क्रिकेट संस्था की काफी आलोचना हो रही है, जिसके बाद सीओए को इस मामले में हस्तक्षेप करना पड़ा है। इस बीच खेल मंत्री रिजिजू ने भी बीसीसीआई से इस मामले में उचित कदम उठाने की मांग की है। रिजिजू ने ट्विटर पर लिखा- सरकार खेल निकायों के मामलों में हस्तक्षेप नहीं करती है, वे स्वायत्त हैं। लेकिन जब मुद्दा देश की भावनाओं से जुड़ा होता है, तो राष्ट्र के हित को ध्यान में रखना होता है। मैं बीसीसीआई से आग्रह करता हूं कि वह महेंद्र सिंह धोनी ग्लव्स मामला में उचित कदम उठाए।
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ धोनी ने पहना था दस्ताना
भारत के दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ शुरुआती मैच के दौरान धोनी के दस्तानों पर कृपाण वाला चिह्न बना हुआ था, जो कि सेना के प्रतीक चिह्न जैसा लग रहा था। प्रशंसकों ने जहां उनके इस कदम की प्रशंसा की तो विश्व में क्रिकेट की सर्वोच्च संस्था आईसीसी ने बीसीसीआई से धोनी को दस्ताने से चिह्न हटाने के लिए कहने को कहा था।