अपव्यय क्यों..?
   Date08-Jun-2019
प्रेरणादीप
गांधीजी से एक मारवाड़ी सेठ मिलने आए। वे बड़ी पगड़ी बांधे थे और मारवाड़ी वेशभूषा में थे। बातचीत में उन्होंने पूछा-'गांधीजी! आपके नाम पर लोग देशभर में गांधी टोपी पहनते हैं और आप इसका इस्तेमाल नहीं करते, ऐसा क्यों?Ó गांधीजी बोले-'आप बिल्कुल ठीक कहते हैं, पर आप अपनी पगड़ी को उतारकर तो देखिए। इसमें बीस टोपियां बन सकती हैं। जब उतना कपड़ा आप जैसे व्यक्ति अपनी पगड़ी में लगा सकते हैं तो बेचारे उन्नीस आदमियों को नंगे सिर रहना पड़ेगा। उन्हीं उन्नीस आदमियों में मैं भी एक हूं।Ó गांधीजी का उत्तर सुनकर सेठजी को शर्मिंदगी महसूस हुई। गांधीजी अपनी बात जारी रखते हुए बोले- 'अपव्यय, संचय की वृत्ति अन्य व्यक्तियों को अपने हिस्से से वंचित कर देती है तो मेरे जैसे अनेक व्यक्तियों को टोपी से वंचित रहकर उस संचय की पूर्ति करनी पड़ती है।Ó