सौजन्यता
   Date03-Jun-2019
प्रेरणादीप
स्व. श्री रफी अहमद किदवई के राजनीतिक विरोधी की पुत्री का विवाह था। बोल-चाल तक न थी। यहाँ तक कि उन्होंने किदवई साहब को विवाह में आमंत्रित तक न किया था, किंतु वे स्वयं ही वहाँ पहुँचे और कन्या को आशीर्वाद दे दिया। उन सज्जन ने जब रफी साहब को वहाँ देखा तो पश्चात्ताप, आत्मग्लानि तथा स्नेह का ऐसा स्रोत उमड़ा कि वे रफी साहब के गले से लिपट गए और क्षमा-याचना की। रफी साहब विनम्र स्वर में इतना ही बोले- 'हमारा राजनीतिक मतभेद हो सकता है, किंतु यह तो घर का मामला है। आपकी बेटी, मेरी बेटी है।Ó इस घटना से आपस का वह मनमुटाव भी समाप्त हो गया।