जापान-अमेरिका-भारत लोकतंत्र के प्रति प्रतिबद्ध - मोदी
   Date28-Jun-2019

ओसाका द्य 28 जून (वा)
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोकतंत्र के प्रति भारत की प्रतिबद्धता दोहराते हुए शुक्रवार को कहा कि जिस प्रकार 'जयÓ का अर्थ भारत में विजय होता है, उसी प्रकार जापान-अमेरिका-भारत (जय) की रूपरेखा विश्व में लोकतांत्रिक मूल्यों को स्थापित करने में कारगार सिद्ध होगी। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ एकजुट और ठोस लड़ाई का आह्वान करते हुए आतंकवाद के वित्त पोषण के साथ इस खतरे से निपटने के लिए वैश्विक बैठक के अपने नए विचार पर जोर दिया है।
श्री मोदी ने यहां जी-20 शिखर सम्मेलन से इतर भारत, अमेरिका और जापान के बीच हुई त्रिपक्षीय मुलाकात के दौरान यह बात कही। श्री मोदी ने जापान के ओसाका शहर में हुई त्रिपक्षीय वार्ता में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे से मुलाकात की। श्री मोदी ने हाल के चुनावों में जीत हासिल करने पर उन्हें और श्री आबे को बधाई देने पर श्री ट्रम्प का शुक्रिया अदा किया। प्रधानमंत्री ने कहा- माननीय राष्ट्रपतिजी, हमें बधाई देने के लिए आपका शुक्रिया। हमारे लिए 'जयÓ (जापान, अमेरिका और भारत) का अर्थ है विजय- हम सभी तीनों राष्ट्र लोकतंत्र के प्रति प्रतिबद्ध हैं। श्री मोदी ने कहा- हम पिछली बार अर्जेंटीना में मिले थे। आज हमें दोबारा मिलने का अवसर मिला है, हमारे दृष्टिकोण को पहले से अधिक बल और विश्वास मिला है। मैं मानता हूं कि हमारे बीच उद्देश्यपूर्ण चर्चा होगी। श्री मोदी ने भारत-प्रशांत क्षेत्र को लेकर तीनों देशों के साझा हितों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा- आतंकवाद न केवल निर्दोष लोगों की जान लेता है, बल्कि यह आर्थिक प्रगति को बाधित करता है और सामाजिक स्थिरता पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है।
ब्रिक्स देशों ने की आतंकवाद के सभी प्रारूपों की निंदा - ब्रिक्स के सदस्य देशों ने आतंकवाद के सभी प्रारूपों की निंदा करते हुए वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (एफएटीएफ) के भीतर सहयोग सहित अवैध वित्तीय प्रवाह का मुकाबला करने में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के समर्थन को लेकर सहमति जताई है। यहां आयोजित जी-20 शिखर सम्मेलन से इतर ब्रिक्स समूह के देशों की शुक्रवार को हुई अनौपचारिक बैठक के बाद एक वक्तव्य में कहा गया- हम वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (एफएटीएफ), विश्व सीमा शुल्क संगठन और अन्य प्रासंगिक बहुपक्षीय तंत्र के भीतर सहयोग सहित अवैध वित्तीय प्रवाह से निपटने में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग का समर्थन करने की हमारी प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हैं। वक्तव्य में कहा गया- हम ब्रिक्स देशों के खिलाफ आतंकवाद के सभी प्रारूपों की, जहां भी और जिस किसी के द्वारा भी ऐसा किया गया है, सहित सभी आतंकवादी हमलों की कड़ी निंदा करते हैं।
मोदी, ट्रम्प के बीच हुई द्विपक्षीय वार्ता
ठ्ठ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के साथ यहां शुक्रवार को द्विपक्षीय वार्ता की। श्री मोदी ने सबसे पहले हाल में मिली चुनावी जीत पर बधाई देने के लिए श्री ट्रम्प को धन्यवाद दिया।
ठ्ठ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने श्री ट्रम्प से कहा- भारत में राजनीतिक स्थिरता के लिए जनादेश देने वाले चुनावों के तुरंत बाद हमें बधाई देने के लिए मैं आपको धन्यवाद देना चाहता हूं।
ठ्ठ श्री मोदी ने कहा कि अमेरिका और भारत के बीच बातचीत में ईरान और रक्षा समेत अन्य मसलों पर भी चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने कहा- हम अमेरिका के साथ दीर्घकालिक संबंधों के लिए प्रतिबद्ध हैं।
ठ्ठ अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा- हम सेना सहित कई मामलों पर एक साथ काम करेंगे, आज हम व्यापार पर चर्चा करेंगे। उन्होंने इस तथ्य पर जोर देते हुए कहा कि भारत-अमेरिका को एक लंबा रास्ता तय करना है और पिछले कुछ वर्षों में दोनों और करीब आए तथा मजबूत हुए हैं।
ठ्ठ अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा-भारत और अमेरिका अच्छे दोस्त बन गए हैं और हमारे देश कभी भी इतने करीब नहीं रहे हैं। मैं निश्चित रूप से यह कह सकता हूं।
ठ्ठ संसदीय चुनावों में भारी जीत के लिए श्री मोदी को बधाई देते हुए श्री ट्रम्प ने कहा- आप (श्री मोदी) इसके लायक हैं। आपने लोगों को एकजुट करने में बहुत अच्छा काम किया है।
ठ्ठ उन्होंने कहा- मुझे याद है कि जब आपने पहली बार सत्ता संभाली थी, तब कई गुट थे और वे एक-दूसरे के साथ लड़ रहे थे और अब वे साथ हो गए। यह आपको और आपकी क्षमताओं के लिए एक शानदार पुरस्कार है।
ठ्ठ श्री मोदी और जापानी प्रधानमंत्री शिंजो आबे के साथ हुई त्रिपक्षीय वार्ता का जिक्र करते हुए, श्री ट्रम्प ने कहा- हमने सफल वार्ता की .... और बहुत जल्द हम व्यापार लेन-देन की घोषणा करने जा रहे हैं।