'सीईटीÓ में गड़बड़ी ले डूबी कुलपति डॉ. नरेन्द्र धाकड़ को : शासन की सख्ती
   Date24-Jun-2019

इंदौर द्य स्वदेश समाचार
देअविवि द्वारा अंतत: सीईटी बिगाड़े जाने के बाद राज्य शासन ने सख्त निर्णय लेते हुए सोमवार को यहां धारा 52 लगा दी। फिलहाल किसी को प्रभारी कुलपति की जिम्मेदारी नहीं दी गई है। मौजूदा कुलपति डॉ. नरेन्द्र धाकड़ के कुप्रबंधन और हजारों विद्यार्थियों को मानसिक-शारीरिक पीड़ा के बाद राज्यपाल के आदेश पर उच्च शिक्षा विभाग ने यह कार्रवाई की है।
सोमवार को म.प्र. शासन के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा यह आदेश दोपहर में जारी किया गया। उक्त आदेश के मुताबिक विवि के कुलसचिव, कुलपति एवं कुलाधिपति सहित उच्च शिक्षा मंत्री को अधिसूचित किया गया है कि देअविवि इंदौर को कार्यकलापों एवं कुप्रबंधन के संबंध में उपलब्ध कराई गई रिपोर्ट और सामग्री के आधार पर राज्य शासन को यह समाधन हो गया है कि ऐसी स्थिति उद्भुत हो गई है जिसमें उक्त विवि का प्रशासनम.प्र. विवि अधिनियम 1973 के उपबंधों के अनुसार विवि के हितों का अपाय किए बिना नहीं चलाया जा सकता है और विवि के हित में ऐसा करना समीचिन है। उक्त आदेश में राज्य सरकार संबंधितों को निर्देश दिया कि 24 दिन से विवि ने धारा 52 लागू रहेगी।