जलसंकट से निपटना व कृषि निवेशबढ़ाना सरकार की प्राथमिकता-कोविंद
   Date20-Jun-2019

नई दिल्ली द्य 20 जून (वा)
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बढ़ते जलसंकट पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए स्वच्छता मिशन की तरह जल संरक्षण अभियान चलाने की आवश्यकता जताई है और कहा है कि बढ़ती जनसंख्या की खाद्यान्न जरूरतों को पूरा करने के लिए सरकार कृषि उत्पादकता बढ़ाने पर 25 लाख करोड़ रुपए का निवेश करेगी।
श्री कोविंद ने संसद के दोनों सदनों के संयुक्त अधिवेशन में गुरुवार को अपने अभिभाषण में सरकार की अगले पांच साल की प्राथमिकताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि वह देश की सुरक्षा के लिए भविष्य में भी सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक जैसे कदम उठाने से नहीं चूकेगी। वर्ष 2024 तक देश को 50 खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए काम किया जाएगा। भ्रष्टाचार और कालेधन के खिलाफ मुहिम तेजी से आगे बढ़ाई जाएगी। लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के लिए अगले तीन सालों में डेढ़ लाख आरोग्य केंद्र खोले जाएंगे, उच्च शिक्षा के विस्तार के लिए पांच साल में दो करोड़ अतिरिक्त सीटें सृजित की जाएंगी, 50 हजार स्टार्ट अप खोले जाएंगे और तीन साल में दो करोड़ नए घर बनाए जाएंगे। उद्यमियों के लिए बिना गारंटी के 50 लाख रुपए तक की ऋण योजना लाई जाएगी। राष्ट्रपति ने कहा कि 21वीं सदी में जलसंकट एक बड़ी चुनौती है और जलवायु परिवर्तन तथा बढ़ते तापमान के कारण यह संकट और गहरा सकता है। भावी पीढ़ी को जलसंकट से बचाने के लिए जल संरक्षण अभियान को स्वच्छता मिशन की तरह चलाया जाना जाना चाहिए। जल शक्ति मंत्रालय का गठन इस दिशा में एक निर्णायक कदम है। जम्मू-कश्मीर का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार वहां सुरक्षित और शांतिपूर्ण माहौल के लिए पूरी निष्ठा के साथ प्रयास कर रही है और स्थानीय निकायों के शांतिपूर्ण चुनाव तथा हाल में सम्पन्न हुए लोकसभा चुनाव से इन प्रयासों को बल मिला है। उन्होंने कहा कि देश को नक्सलवाद से मुक्ति दिलाने के लिए सरकार संकल्पबद्ध होकर काम कर रही है। श्री कोविंद ने कहा कि उद्यमियों के लिए बिना गारंटी 50 लाख रुपए तक के ऋण की योजना लाई जाएगी। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत स्वरोजगार के लिए लगभग 19 करोड़ ऋण दिए गए हैं। इसका विस्तार करते हुए अब 30 करोड़ लोगों को इस योजना का लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। अर्थव्यवस्था को गति प्रदान करने वाले क्षेत्रों में समुचित नीतियों के माध्यम से रोजगार के नए अवसर सृजित किए जाएंगे।
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