देश का पहला बाल हितैषी न्यायालय उज्जैन में लोकार्पित
   Date12-Jun-2019
उज्जैन द्य स्वदेश समाचार
देश के पहले बाल हितैषी न्यायालय (चाईल्ड फ्रेंडली कोर्ट) का लोकार्पण उज्जैन में मंगलवार को जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर में हुआ। 21 लाख रु. लागत से बने इस बाल हितैषी न्यायालय में गवाही देने के लिए पेश होने वाले बच्चों को पारिवारिक माहौल दिया जाएगा, ताकि वे बिना किसी भय के बयान दे सकें। ज्ञात रहे सर्वोच्च न्यायालय द्वारा देश के सभी राज्यों में बाल हितैषी न्यायालय बनाने का आदेश पारित किया गया है। लोकार्पण समारोह के अतिथि म.प्र. उच्च न्यायालय खण्डपीठ,इन्दौर के पोर्टफोलियो न्यायाधीपति रोहित आय ने कहा कि जिन पीडि़त बच्चों के लिए यह न्यायालय बनाया गया है, उस उम्र में बच्चे खेलते-कूदते हैं। बच्चों के साथ दुव्र्यवहार या होने वाले अन्य अपराध सामाजिक कुरीतियों का परिणाम हैं। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण हैं। आर्टिकल 15(3) के तहत बच्चों का यह मौलिक अधिकार है कि उन्हें सभी मूलभूत सुविधाएं और शिक्षा उपलब्ध करवाई जाए। बच्चों के शोषण, दुव्र्यवहार और तस्करी को रोकने के लिए युद्ध स्तर पर प्रयास करने होंगे। सभी अधिवक्ता और न्यायाधीश पॉक्सो
अधिनियम से सम्बन्धित सभी पहलुओं को अच्छी तरह से समझें और उन्हें आत्मसात करें, ताकि पीडि़त बच्चों को न्याय मिल सके। गरीब और फुटपाथ पर जीवन यापन करने वाले बच्चे अपराधियों के सबसे ज्यादा शिकार होते हैं। इसके अलावा सामान्य और बड़े घरों में भी बच्चों के साथ शारीरिक, मानसिक और लैंगिक दुव्र्यवहार होता है। ये बच्चे किसी को कुछ बता भी नहीं पाते। इससे उनके कोमल मन पर बहुत बुरा असर होता है। चाईल्ड फ्रेंडली कोर्ट में बच्चों के काउंसलर्स को विशेष ट्रेनिंग दी जाए। इस तरह के प्रकरणों में न्यायाधीशों को पीडि़त बच्चों के साथ बिल्कुल अपने बच्चे की तरह व्यवहार करना चाहिए और उनकी पीड़ा को महसूस करना चाहिए। ऐसे मामलों में संवेदनशीलता बहुत जरूरी है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश एसकेपी कुलकर्णी ने कहा कि न्याय को अन्त:करण से महसूस किया जाता है। न्याय कानूनी प्रक्रिया के तहत दिया जाता है। न्यायालय में अभियुक्त पीडि़त और गवाह तीनों के साथ न्याय किया जाता है। चाईल्ड फ्रेंडली कोर्ट में पीडि़त बच्चों को बिल्कुल घर जैसा माहौल मिलेगा। यह न्यायालय क्रियाशील हो गया है। विशिष्ट अतिथि मप्र राज्य अधिवक्ता परिषद सदस्य प्रताप मेहता और मण्डल अभिभाषक संघ अध्यक्ष अशोक यादव थे। कार्यक्रम में डॉ. प्रकाश चौबे, भगतसिंह चावड़ा, राजेश जोशी और अन्य अधिवक्तागण उपस्थित थे। संचालन कोर्ट मैनेजर अन्नदा पद्मावत ने किया। आभार तृप्ति पाण्डेय ने माना।