'हथियार उठानेÓ और 'खून की नदियां बहनेÓ के बहाने किसे चुनौती दे रहे
   Date23-May-2019
नई दिल्ली द्य 22 मई (वा)
भाजपा ने विपक्ष के लोकसभा चुनाव परिणाम अनुकूल नहीं आने पर 'हथियार उठानेÓ और 'खून की नदियां बहनेÓ जैसे बयान देने पर आज सवाल किया कि ऐसे हिंसात्मक और अलोकतांत्रिक बयान से किसे चुनौती दी जा रही है।
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने बुधबार को ट्वीट किया कि इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) का विरोध देश की जनता के जनादेश का अनादर है। हार से बौखलाई 22 विपक्षी पार्टियां देश की लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवालिया निशान उठाकर विश्व में देश और लोकतंत्र की छवि धूमिल कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि ईवीएम पर विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे प्रश्न सिर्फ भ्रांति फैलाने का प्रयास है, जिससे प्रभावित हुए बिना हम सभी को लोकतांत्रिक संस्थानों को और मजबूत करने का प्रयास करना चाहिए। ईवीएम में गड़बड़ी के विषय पर 'प्रोएक्टिवÓ कदम उठाते हुए चुनाव आयोग ने सार्वजनिक रूप से ऐसा कर दिखाने का आमंत्रण दिया था, लेकिन उस चुनौती को किसी भी विपक्षी दल ने स्वीकार नहीं किया था। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि विपक्ष ने ईवीएम पर हंगामा लोकसभा चुनाव का छह चरणों का मतदान समाप्त होने के बाद शुरू किया। एग्जिट पोल के बाद यह और तेज हो गया। एग्जिट पोल ईवीएम के आधार पर नहीं, बल्कि मतदान के बाद मतदाताओं से प्रश्न पूछकर किए जाते हैं। अत: एग्जिट पोल के आधार पर ईवीएम की विश्वसनीयता पर कैसे सवाल उठाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि मतगणना के सिर्फ दो दिन पूर्व विपक्षी दलों द्वारा चुनावी प्रक्रिया में परिवर्तन की मांग पूर्णत: असंवैधानिक है, क्योंकि इस तरह का कोई भी निर्णय सभी दलों की सर्वसम्मति के बिना सम्भव नहीं है। देश की सर्वोच्च अदालत ने तीन से ज्यादा जनहित याचिकाओं पर संज्ञान लेने के बाद चुनावी प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया है, जिसमें हर विधानसभा क्षेत्र में पांच मतदान केन्द्रों के वीवीपैट की पर्चियों का मिलान ईवीएम से करने का आदेश दिया गया है। उन्होंने कहा कि ईवीएम की विश्वसनीयता पर प्रश्न उठाने वाली अधिकांश विपक्षी पार्टियों ने कभी न कभी ईवीएम से हुए चुनावों में विजय प्राप्त की है। उन्हें यदि ईवीएम पर विश्वास नहीं है तो उन्होंने चुनाव जीतने पर सत्ता क्यों सम्भाली।