पहले वीवीपैट का मिलान फिर शुरू की जाए मतगणना
   Date22-May-2019
22 दलों के नेताओं की आयोग से मांग
नई दिल्ली द्य 21 मई (वा)
कांग्रेस के नेतृत्व में 22 विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग से मांग की है कि लोकसभा चुनाव की मतगणना शुरू होते ही पहले वीवीपैट पर्चियों का ईवीएम के मतों के साथ मिलान किया जाए और यदि इसमें कोई गलती हो तो उस विधानसभा क्षेत्र की पूरी मतगणना वीवीपैट के आधार पर ही की जाए।
मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा से डेढ़ घंटे की मुलाकात के बाद विपक्षी दलों के प्रतिनिधियों ने संवाददाताओं को बताया कि चुनाव आयोग ने उनकी मांगों पर खुले मन से इस विचार करने का आश्वासन दिया है और बुधवार सुबह आयोग की बैठक में इसके बारे में फैसला किया जाएगा। उच्चतम न्यायालय के आदेश के अनुसार, हर विधानसभा क्षेत्र की पांच वीवीपैट मशीनों की पर्चियों का ईवीएम मशीनों से मिलान किया जाना है। आयोग ने कहा था कि ईवीएम के मतों की गिनती के बाद वीवीपैट की पर्चियों की गिनती होगी। कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा- हमने आयोग से कहा कि आप हर विधानसभा क्षेत्र में जिन पांच बूथों के वीवीपैट की गिनती करेंगे, उसे सबसे पहले कीजिये। अगर उसमें कोई गलती होती है तो पूरे विधानसभा के वीवीपैट की गिनती करनी चाहिए। वरना बाद में उसकी गिनती करने का कोई फायदा नहीं है।
बहुजन समाज पार्टी के सतीशचंद्र मिश्रा ने कहा कि उत्तरप्रदेश के एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा था कि मतगणना के दिन एआरओ टेबल पर राजनीतिक दलों के एजेंटों को नहीं रहने दिया जाएगा। यह मुद्दा उठाये जाने पर श्री अरोड़ा ने स्पष्ट किया कि इस तरह का कोई आदेश नहीं दिया गया है और इसके बारे में आज ही स्पष्टीकरण जारी किया जाएगा कि हर एआरओ टेबल पर राजनीतिक दलों का एक-एक एजेंट होगा। कांग्रेस के अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि चुनाव आयोग यदि बुधवार सुबह अपनी बैठक में मौजूदा दिशा-निर्देशों के आलोक में विपक्ष की मांग को गलत भी पाता है तो उसे अपने दिशा-निर्देशों में बदलाव करना चाहिए, क्योंकि आयोग को जिन 22 राजनीतिक दलों ने ज्ञापन सौंपा है, वे 75 प्रतिशत मतदाताओं का प्रतिनिधित्व करते हैं। हम पिछले डेढ़ महीने से ये सभी मुद्दे उठाते रहे हैं और आयोग अब जाकर कह रहा है कि वह मतगणना से एक दिन पहले उन पर विचार करेगा। श्री सिंघवी ने कहा कि यदि ईवीएम और वीवीपैट की गणना में अंतर होने के बाद भी ईवीएम के नतीजे रद्द नहीं किए जाते तो वीवीपैट सिर्फ शो-पीस बनकर रह जाएगा। ऐसे में वीवीपैट पर किया गया करोड़ों के खर्च का उद्देश्य विफल हो जाएगा।
आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने सवाल किया कि चुनाव आयोग ने बार-बार शिकायत करने के बाद भी अब तक कार्रवाई क्यों नहीं की। यह चुनाव आयोग का कर्तव्य है कि वह पारदर्शिता तथा विश्वास स्थापित करे। बैठक में कांग्रेस नेता अहमद पटेल, अशोक गहलोत, के. राजू और राज बब्बर, तेदेपा प्रमुख और समाजवादी पार्टी के रामगोपाल यादव, माक्र्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के सीताराम येचुरी, आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रफुल्ल पटेल और माजिद मेनन, द्रविड़ मुनेत्र कषगम की के. कनीमोझी, तृणमूल कांग्रेस के डेरिक ओ. ब्रायन, राष्ट्रीय जनता दल के मनोज झा तथा भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के एस. सुधाकर रेड्डी और डी. राजा भी शामिल थे।