बम्पर मतदान और एग्जिट पोल...
   Date21-May-2019
शक्तिसिंह परमार
भारतीय लोकतंत्र के सबसे बड़े महायज्ञ में रविवार को 8 राज्यों की 59 सीटों पर लोकतंत्र की वेदी के यजमानों (मतदाताओं) ने उत्साह-उमंग एवं राष्ट्रधर्म निभाने का जोशीला भाव व्यक्त किया...जी हां, मध्यप्रदेश के मालवा-निमाड़ की 8 लोकसभा सीटों समेत जिस तरह से लोकसभा चुनाव के सातवें व अंतिम चरण में बम्पर मतदान हुआ...यह लोकतंत्र की मजबूती के साथ ही दलों/नेताओं को उत्साह से लबरेज करने एवं बेचैनी बढ़ाने का भी कारण बन गया है...क्योंकि मध्यप्रदेश के इंदौर में तो 1952 में 46.12 प्रतिशत मतदान हुआ था...इसके बाद 2019 में सर्वाधिक 69.83 प्रतिशत मतदान हुआ..,जबकि यही इंदौर 1971 में उपचुनाव में सबसे कम 26.37 प्रतिशत मतदान का भी रिकॉर्ड बना चुका है...म.प्र. में इंदौर समेत अन्य सीटों पर अब तक के चुनाव का सर्वाधिक मतदान न केवल चर्चा का..,बल्कि प्रत्याशियों के बीच परिणाम घोषणा तक सियासी समीकरणों को सुलझाने और मतदाताओं के मानस को मथने का आधार बन चुका है...गांव से शहर तक के वोटों को एकसूत्र में पिरोकर चुनाव में प्रत्याशियों के प्रबंधक मतदान के लिए मतदाता द्वारा रखे गए उस प्रत्येक मापदंड को समझने की कोशिश कर रहे हैं..,जो मतदाताओं को मतदान केंद्र की तरफ पहली बार इस रफ्तार में खींचकर ले गया है...
लोकसभा के सातवें व अंतिम चरण में 8 राज्यों में औसत राष्ट्रीय मतदान 64 प्रतिशत से अधिक रहा...उप्र में 56.84, पंजाब में 63, मप्र में 76, बिहार में 53.55 और प. बंगाल में 73.51 फीसदी लोगों ने मतदान किया...अंतिम दौर में भी इन राज्यों में 2014 की तुलना में मतदान का प्रतिशत 1 से ढाई तो कहीं पर 5 फीसदी भी बढ़ा है...अगर मप्र के अंतिम चरण के 8 सीटों के मतदान को 2014 की तुलना में देखें तो पता चलता है कि इंदौर 70.00 (2014 में 62.25), देवास 79.46 (2014 में 70.82), उज्जैन 74.93 (2014 में 66.56), रतलाम 75.19 (2014 में 63.52), मंदसौर 77.74 (2014 में 71.24), खंडवा 76.80 (2014 में 70.93), खरगोन 77.65 (2014 में 67.07), धार 74.74 (2014 में 63.96) रहा है...यानी 5 से 10 फीसदी मतदान बढ़ोतरी का यह वोटिंग बम्पर खेल फिलहाल तो दलों/नेताओं को बाग-बाग कर रहा है और अपने-अपने दावे भी किए जा रहे हैं..,लेकिन जनता-जनार्दन ने सही मायने में अपने मताधिकार के प्रयोग में जागरूकता की मिसाल पेश करके लोकतंत्र की मजबूती का प्रमाण दिया है...म.प्र. में पहले चरण में औसत 74.88 यानी 2014 से 10.04 फीसदी वृद्धि, दूसरे चरण में 69.14 यानी 2014 से 11.28 फीसदी अधिक, तीसरे चरण में 65.24 यानी 2014 से 8.43 फीसदी अधिक मतदान इस बात का प्रमाण है कि म.प्र. के मतदाताओं ने मुद्दों और विकास के साथ ही प्रत्याशियों की योग्यता एवं राष्ट्र के मजबूत निर्माण में उनकी भूमिका के आकलन के हिसाब से बम्पर मतदान की राह चुनी है...क्योंकि मप्र ने अंतिम चरण में देश के सभी राज्यों को मतदान में पछाड़कर लोकतंत्र के प्रति जवाबदेही का संदेश सुनाया है...जिसके ऐतिहासिक निर्णय 23 मई को सुनाए जाएंगे...
अब जैसा कि चुनाव का अंतिम चरण समाप्त होते ही दलों/नेताओं की निगाहें एग्जिट पोल पर गड़ जाती हैं और टीवी चैनल से लेकर सर्वे करने वाली एजेंसियां भी इसे दिखाने के लिए पूरे दो माह के चुनावी माहौल से तडफ़ड़ा रही थीं...ऐसे में मतदान समाप्ति के साथ जैसे ही 7 बजे एग्जिट पोल के नतीजे आने लगे..,भगवा बयार का माहौल देशभर में बनने लगा...हालांकि अंतिम चरण के प्रचार के समाप्त होते ही एग्जिट पोल से मिलते-जुलते दावे व अनुमान प्रधानमंत्री मोदी एवं भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने व्यक्त कर दिए थे...उसी के अनुरूप भाजपा एवं भाजपानीत राजग गठबंधन को 300 से 350 सीटों के साथ चुनावी मैदान में ऐतिहासिक जीत प्राप्त करते हुए बताया जा रहा है...करीब 9 एग्जिट पोल के नतीजों में 8 के नतीजे भाजपा एवं राजग के पक्ष में स्पष्ट बहुमत के साथ सामने आना यह बताता है कि 2014 से बड़ी एवं आंतरिक लहर 2019 में थी...जिसको मोदी सरकार की जोरदार तरीके से सत्ता में पुनर्वापसी के रूप में देखा जा रहा है...हालांकि यह एग्जिट पोल एवं चुनावी सर्वे एक निश्चित संख्या में लोगों से राय जानकर किए जाते हैं..,लेकिन 2004 के बाद के लगभग सभी सर्वे अपने दावों पर शत-प्रतिशत सटीक बैठे हैं...इसलिए 2019 के सर्वे में जो दावे भाजपा के पक्ष में किए जा रहे हैं, वे सटीक बैठेंगे, इसमें किसी को संशय नहीं है...क्योंकि पहली बार भाजपा उन राज्यों में बेहतर प्रदर्शन करती नजर आ रही है..,जहां उसने लंबे समय तक जमीन बनाने का काम तो किया..,लेकिन फल के रूप में सीटें 2019 में प्राप्त होती नजर आ रही हैं...
लोकसभा चुनाव के लिए इंडिया टुडे एक्सिस का सर्वे भाजपानीत राजग को 339-365 और कांग्रेसनीत राजग को 95..,वहीं महागठबंधन व अन्य को 100 के करीब सीटें दिखा रहा है...जबकि 2014 में सटीक एग्जिट पोल बताने वाले न्यूज 24-चाणक्य 2019 में राजग को 350, संप्रग को 95, सपा-बसपा को 13 व अन्य को 84 सीटें दे रहा है...टाइम्स नाउ ने भाजपा गठबंधन को 306 और कांग्रेस गठबंधन को 142, अन्य को 94 सीटें दी हैं...इस हिसाब से अनुमान लगाना आसान है कि भाजपा किस ऐतिहासिक बहुमत के साथ सत्ता में वापसी कर रही है..,क्योंकि भाजपा को जितना नुकसान उप्र में उठाना पड़ेगा...उसकी भरपाई प. बंगाल व ओडिशा से होती नजर आ रही है...फिर वह हिन्दी पट्टी के राज्यों में भी पिछली बार का अपना 2014 का रिकॉर्ड दोहराने की स्थिति में है...सर्वे अपनी भविष्यवाणी या घोषणाओं पर अथवा दावों पर कितने सटीक बैठेंगे, यह विचार व विश्लेषण का अलग विषय है..,लेकिन देशभर में जनता के बीच प्रधानमंत्री के रूप में मोदी की जो लोकप्रियता एवं मजबूत राष्ट्र नेतृत्व के साथ ही मजबूत सरकार के रूप में लोगों की एग्जिट पोल देखने के बाद जो उत्सुकता बढ़ी है और जिस विश्वास से मोदी की ऐतिहासिक वापसी का विश्वास जता रहे हैं...इससे तो इतना साफ है कि 'आएगा तो मोदी ही और छाएगा तो भगवा ही...Ó का यह शंखनाद जन-जन में हिलोरें मार रहा है...क्योंकि इंतजार कीजिए लोकतंत्र के इस वैचारिक समर से आने वाले जनादेश के सिर्फ 3 दिन...
-श्चड्डह्म्द्वड्डह्म्ह्यद्धड्डद्मह्लद्ब८०ञ्चद्दद्वड्डद्बद्य.ष्शद्व