तीन दिन की देरी से आएगा मानसून- स्काईमेट
   Date14-May-2019

नई दिल्ली 14 मई (वा) मौसम पूर्वानुमान बताने वाली कंपनी स्काईमेट ने मंगलवार को कहा कि इस बार मानसून के तीन दिन की देरी से चार जून को केरल पहुंचेगा। आमतौर पर यह एक जून को केरल के तट से टकराता है।
स्काईमेट के प्रबंध निदेशक जतिन सिंह ने बताया कि इस बार मानसून चार जून को केरल में दस्तक दे सकता है हालांकि इसमें दो दिन आगे-पीछे होने की गुंजाइश है। उन्होंने बताया कि इस साल स्थिति बहुत अच्छी नहीं है और मानसून कमजोर रह सकता है। स्काईमेट में मौसम पूर्वानुमान और जलवायु परिवर्तन विभाग के अध्यक्ष सेवानिवृत्त एयर वाइस मार्शल जी.पी. शर्मा ने कहा कि इस बार मानूसन का भंवर अरब सागर में रहेगा जो अच्छा संकेत नहीं है। इस कारण मानसून उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर ज्यादा बढ़ेगा और समय के साथ देश के मुख्य मैदानी हिस्से से दूर होता चला जाएगा। उन्होंने बताया कि स्काईमेट मानसून के बारे में अपने पुराने पूर्वानुमान पर कायम है कि इस साल बारिश दीर्घावधि औसत का 93 प्रतिशत होगी। मध्य भारत में सबसे कम 91 प्रतिशत, पूर्व तथा पूर्वोत्तर में 92 प्रतिशत, दक्षिण में 95 प्रतिशत और पश्चिमोत्तर में 96 प्रतिशत बारिश का अनुमान है।
श्री सिंह ने कहा मानसून के आने में देरी या जल्दी और मानसून की प्रगति में कोई सीधा संबंध अब तक स्थापित नहीं किया जा सका है, लेकिन इस बार मानसून के आगे बढऩे में भी देरी हो सकती है। जब मानसून का आगमन होगा उस समय अलनीनो प्रभाव रहेगा और इसलिए पहले दो सप्ताह में बारिश कम रहने का अनुमान है। हमें नहीं लगता कि इस साल मानसून तेजी से आगे बढ़ेगा।
श्री शर्मा ने बताया कि पूर्व तथा पूर्वोत्तर क्षेत्र में बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल ज्यादा जोखिम वाले इलाकों में हैं। पश्चिमोत्तर में पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली-एनसीआर की तुलना में जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे पहाड़ी इलाकों में बेहतर बारिश होगी। मध्य भारत में ओडिशा और छत्तीसगढ़ में सबसे ज्यादा बारिश होने का पूर्वानुमान है जबकि विदर्भ, मराठवाड़ा, पश्चिमी मध्यप्रदेश और गुजरात में सामान्य से कम बारिश होगी। दक्षिण भारत में कर्नाटक के उत्तरी हिस्से में और रायलसीमा में कम बारिश की संभावना है। वहीं, केरल और तटीय कर्नाटक में मानसून बेहतर रह सकता है। श्री शर्मा ने कहा कि केरल में मई के अंतिम सप्ताह में मानसून-पूर्व बारिश शुरू हो जाएगी। इस बार मानसून से पहले की बारिश काफी अच्छी रहेगी।