भारत के ऐंटी सैटलाइट मिशन का अमेरिका ने किया बचाव
   Date12-Apr-2019
वॉशिंगटन
भारत के 'मिशन शक्ति' अभियान का अमेरिका ने बचाव किया है। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने कहा कि भारत अंतरिक्ष में सामने आ रहे खतरों को लेकर चिंतित है और उस लिहाज से यह अहम है। भारत ने 27 मार्च को जमीन से अंतरिक्ष में मार करने वाली ऐंटी-सैटलाइट मिसाइल से अपने एक उपग्रह को मार गिराया था। इसके साथ ही भारत अंतरिक्ष की महाशक्तियों में शामिल हो गया। भारत से पहले यह कारनामा सिर्फ अमेरिका, रूस और चीन के नाम है।
इस परीक्षण के साथ ही अमेरिका, रूस और चीन के बाद भारत ऐंटीसैटलाइट क्षमता रखने वाला चौथा देश बन गया है। अमेरिकी कूटनीतिक कमान के कमांडर जनरल जॉन ई हीतेन ने गुरुवार को सीनेट की शक्तिशाली सशस्त्र सेवा समिति से कहा, ‘भारत के एसैट से पहली सीख यह सवाल है कि उन्होंने ऐसा क्यों किया और मुझे लगता है कि उन्होंने ऐसा इसलिए किया क्योंकि वे अंतरिक्ष से अपने देश के समक्ष पेश आ रहे खतरों को लेकर चिंतित हैं।’

उन्होंने भारत के इस ऐंटी सैटलाइट मिसाइल परीक्षण की जरूरत और इससे अंतरिक्ष में फैले मलबे पर एक सवाल का जवाब देते हुए कहा, ‘इसलिए उन्हें लगता है कि उनके पास अंतरिक्ष में अपना बचाव करने की क्षमता होनी चाहिए।’ नासा ने भारत द्वारा अपने ही एक उपग्रह को मार गिराए जाने को ‘भयानक’ बताते हुए कहा था कि इससे अंतरिक्ष की कक्षा में उपग्रह के करीब 400 टुकड़े फैल गए जिससे अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) को खतरा है।