झारखंड के 48 मजदूर मलेशिया में फंसे
   Date11-Mar-2019

 
हजारीबाग। पैसा कमाने की चाहत में मजदूर अपनी जान को भी दांव पर लगाकर विदेश जा रहे हैं। पिछले पांच साल से विदेश में एजेंटों की गलती से फंसे सैकड़ों मजदूर सकुशल वापसी को लेकर लगातार गुहार लगाते रहे हैं। इनमें कई को वापस भी लाया गया है। अब फिर मलेशिया में 48 लोगों की फंसने की जानकारी मिली है।
मलेशिया में फंसे 48 मजदूरों में झारखंड के हजारीबाग, गिरिडीह, कोडरमा सहित कई स्थानों के मजदूर हैं। ये सभी ट्रांसमिशन कार्य के लिए मलेशिया गए थे। ये मलेशिया के ब्लिंटलू में फंसे हैं। जहां काम दिलाने के नाम पर इन मजदूरों को ले जाया गया था, वहां इन्हें काम न देकर अन्य मजदूरों को काम पर लगा दिया गया है। काफी कम पैसे में इनसे काम कराया जा रहा है। इन्हें जून 2018 में ट्रांसमिशन लाइन में काम कराने के लिए चेन्नई के ठेकेदार द्वारा मलेशिया भेजा गया था। मजदूरों को काम करने के एवज में मजदूरी के तौर मोटी राशि के अलावा खाने पीने और रहने की बेहतर सुविधा देने का सपना दिखाया गया था। मलेशिया जाने के लिए मजदूरों से इंटरव्यू और मेडिकल जांच के शुल्क आदि के नाम पर 20-20 हजार रुपये भी वसूले गए थे। सूत्रों के अनुसार मजदूरों को ठेकेदार का सही नाम और पता तक मालूम नहीं है। उन्हें सिर्फ ठेकेदार का ठिकाना चेन्नई होने भर की जानकारी है। पीड़ित परिवारों ने विदेश मंत्रालय से मदद का अनुरोध किया है।