बज गया लोकसभा चुनाव का बिगुल
   Date11-Mar-2019

 
देशभर में आदर्श आचार संहिता हुई लागू, लोकसभा चुनाव 11 अप्रैल से 19 मई तक।
नई दिल्ली 10 मार्च (वा)। सत्रहवीं लोकसभा की 543 सीटों के लिए चुनाव 11 अप्रैल से 19 मई के बीच सात चरणों में होंगे और मतगणना 23 मई को की जाएगी। आंध्रप्रदेश, ओडिशा, अरुणाचलप्रदेश और सिक्किम की विधानसभाओं के चुनाव भी लोकसभा चुनाव के साथ होंगे।
 
मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुनील अरोड़ा ने रविवार को यहां संवाददाता सम्मेलन में चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की और इसके साथ ही देशभर में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई। इस बार चुनाव में इस्तेमाल होने वाली सभी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) के साथ वीवीपैट का इस्तेमाल किया जाएगा। पहले चरण में 11 अप्रैल को, दूसरे चरण में 18 अप्रैल को, तीसरे चरण में 23 अप्रैल को, चौथे चरण में 29 अप्रैल को, पांचवें चरण में छह मई को, छठे चरण में 12 मई को और सातवें चरण में 19 मई को मतदान होगा। सभी सीटों के लिए मतगणना 23 मई को होगी। उन्होंने बताया कि करीब 90 करोड़ मतदाता इस चुनाव में अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकेंगे। पिछले चुनाव की तुलना में इस बार 8.34 करोड़ मतदाता बढ़े हैं, जिसमें से डेढ़ करोड़ 18 से 19 वर्ष की आयु के हैं। पहले चरण में 20 राज्यों की 91 सीटों, दूसरे चरण में 13 राज्यों की 97 सीटों, तीसरे चरण में 14 राज्यों की 115 सीटों, चौथे चरण में नौ राज्यों की 71 सीटों, पांचवें चरण में सात राज्यों की 51 सीटों, छठे चरण में सात राज्यों की 59 सीटों और सातवें एवं अंतिम चरण में सात राज्यों की 59 सीटों पर मतदान होगा।
 
आंध्रप्रदेश, ओडिशा, अरुणाचलप्रदेश और सिक्किम विधानसभाओं के चुनाव उन्हीं तिथियों पर होंगे, जिन पर वहां लोकसभा सीटों के लिए मतदान होना है। इसके अलावा 12 राज्यों की 24 विधानसभा सीटों के लिए उपचुनाव भी संबंधित लोकसभा सीटों के चुनाव के साथ होंगे।
 
श्री अरोड़ा ने बताया कि जम्मू-कश्मीर विधानसभा के चुनाव लोकसभा चुनाव के साथ नहीं कराये जाएंगे। राज्य में हाल की हिंसा की घटनाओं और सुरक्षा से जुड़ी अन्य बातों को ध्यान में रखते हुए यह फैसला किया गया है। यह निर्णय लेने से पहले आयोग ने गृह मंत्रालय, राज्य सरकार, विभिन्न राजनीतिक दलों से भी बातचीत की और खुद वहां जाकर स्थिति का मौके पर जायजा लिया। आयोग ने राज्य के लिए तीन विशेष पर्यवेक्षक नियुक्त किए हैं। उन्होंने बताया कि इस बार देश में सभी मतदान केंद्रों पर ईवीएम के साथ वीवीपैट का इस्तेमाल किया जाएगा। ईवीएम मशीनों पर प्रत्याशियों के चुनाव चिह्न और नाम के साथ उनके फोटो भी होंगे ताकि मतदाताओं को आसानी हो। आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायत करने के लिए एक एंड्रॉयड मोबाइल एप जारी किया जाएगा। इस आम चुनाव से सोशल मीडिया के जरिए चुनाव प्रचार को भी आचार संहिता के दायरे में लाया गया है। सोशल मीडिया पर चुनाव प्रचार का खर्च भी उम्मीदवार के चुनावी खर्च में जोड़ा जाएगा। सोशल मीडिया पर प्रचार सामग्री डालने से पहले पूर्व प्रमाणन अनिवार्य किया गया है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने बताया कि फेसबुक, ट्विटर, गुगल और यू-ट्यूब ने लिखित आश्वासन दिया है कि वे बिना प्रमाणन के प्रचार सामग्री को उनके मंच के माध्यम से प्रसारित नहीं होने देंगे और किसी भी आपत्तिजनक सामग्री पर तुरंत कार्रवाई करेंगे। उन्होंने बताया कि अभी 99.36 प्रतिशत मतदाताओं के पास मतदाता पहचान पत्र हैं।