पिछली सारकारों ने आतंकवादी हमलों का नहीं दिया माकूल जवाब - मोदी
   Date10-Mar-2019
ग्रेटर नोएडा (वा)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 26/11 के मुंबई आतंकवादी हमले का मुंहतोड़ जवाब नहीं देने के लिए तत्कालीन संयुक्त प्रगतिशील गठबंध सरकार की कड़ी आयोचना करते हुए शनिवार को कहा कि उस हमले का उसी समय माकूल जवाब दिया जाता तो 'आतंकवाद का नासूरÓ इतना बड़ा नहीं होता।
श्री मोदी ने यहां विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करने बाद एक सभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि 26/11 के हमले के बाद सेना उसका बदला लेने के लिए पूरी तरह तैयार थी, लेकिन दिल्ली से सुरक्षा बलों को इजाजत नहीं दी गई। उस समय देश को कुछ करने की जरूरत थी, क्योंकि दुनिया के लोग उसके साथ थे। उन्होंने कहा कि मुबई के बाद पुणे और वाराणसी में भी आतंकवादी हमले हुए। वर्ष 2011 में मुंबई में फिर से आतंकी हमले किए गए और इसके बाद 2013 में हैदराबाद में इसी तरह के हमले हुए। इन हमलों के तार सीमा पार से जुड़े थे और इनमें सैकड़ों लोग मारे गए थे । उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने इन हमलों के बाद भी आतंकवाद पर अपनी नीति नहीं बदली, सिर्फ गृह मंत्री बदले जाते थे। प्रधानमंत्री ने कहा कि 'रिमोट कंट्रोलÓ की सरकार के कारण पाकिस्तान की यह सोच बनी कि भारत पर हमले किए जाओ, कुछ नहीं होगा। अब हमारी सेना की ओर से पहले 'सर्जिकल स्ट्राइकÓ और फिर 'एयर स्ट्राइकÓ किए जाने से पाकिस्तान को लगने लगा है कि यह पहले वाला भारत नहीं है।
श्री मोदी ने बालाकोट में आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के कैम्प पर की गई एयर स्ट्राइक पर विपक्ष के कुछ नेताओं के सवाल उठाने पर कहा कि वे हताशा में ऐसा कर रहे हैं। हताशा में वे मोदी का विरोध करने के साथ ही देश का भी विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उरी हमले के बाद सेना ने सर्जिकल स्ट्राइक कर आतंकवादियों के आकाओं को उसी की भाषा में समझाया, लेकिन इसका भी कुछ लोगों ने सबूत मांगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पुलवामा हमले के बाद देश के वीरों ने आतंकवादियों के उनके घर में घुसकर मारा, जिसकी उन्हें उम्मीद नहीं थी। यह घटना इतनी बड़ी थी कि रात में ही पाकिस्तान की नींद उड़ गई और वह ट्वीट कर दुनिया को बताने लगा कि मोदी ने मारा है। भारत ने सर्जिकल स्ट्राइक की जानकारी दुनिया को दी थी और इस बार एयर स्ट्राइक की जानकारी पाकिस्तान ने ही दुनिया को दी।