महिलाओं के प्रति सम्मान की शिक्षा घर से- डॉ. भागवत
   Date02-Dec-2019

नई दिल्ली द्य 1 दिसंबर (वा)
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहनराव भागवत ने कहा है कि महिलाओं के प्रति सम्मान की शिक्षा घर से मिलनी चाहिए और सुरक्षा की सभी जिम्मेदारियों को प्रशासन पर छोडऩा सही नहीं है।
डॉ. भागवत ने रविवार को लालकिला मैदान में जीयो गीता संस्थान द्वारा आयोजित एक दिवसीय गीता प्रेरणा महोत्सव 2019 को संबोधित करते यह बात कही। उन्होंने कहा, महिला सुरक्षा की जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की है, लेकिन सबकुछ उस पर ही छोडऩे से काम नहीं चलेगा। उन्होंने गीता को जीवन का सार बताते हुए कहा कि इसे संपूर्ण विश्व का बनाने के लिए स्वयं से शुरुआत करनी होगी। देश की 130 करोड़ जनता को इसे घर-घर ले जाना होगा।
इस मौके पर महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने साधु-संतों को आगे आने का आह्वान किया। श्रीमती ईरानी ने कहा, महिलाओं का सम्मान और उनका संरक्षण न सिर्फ हमारा कर्तव्य है, बल्कि इसे धर्म स्वयं परिभाषित करता है। ऐसे में संत चरण जहां-जहां पड़े, उनसे आग्रह है कि वह इसका उच्चारण विशेष रूप से करें। उन्होंने नवजात और गर्भवती महिलाओं में कुपोषण के प्रति भी सबको जागरूक करने का आग्रह किया। सांध्वी ऋ तंभरा ने कहा, भारत जैसे देश में शोभा नहीं देता कि यह भ्रष्टाचारी एवं दुष्कर्मियों का देश कहलाए। अखिल भारतीय इमाम संगठन के मुख्य इमाम उमर अहमद इलयासी ने हैदराबाद में दुष्कर्म और हत्या की शिकार महिला डॉक्टर की आत्मा की शांति की दुआ करते हुए कहा कि ऐसे दुष्कार्मियों को सरेआम फांसी होनी चाहिए।