तकनीक के नुकसान व फायदे दोनों हैं-राष्ट्रपति
   Date01-Dec-2019

कानपुर ठ्ठ 30 नवम्बर (वा)
उत्तर प्रदेश के कानपुर आए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने आज कहा कि तकनीक के फायदे हैं तो इससे नुकसान भी होता है। लिहाजा ये हमारी जिम्मेदारी की हम तकनीक का इस्तेमाल कैसे करते हैं।
दो दिवसीय दौरे पर 42 मिनट देरी से चकेरी एयरपोर्ट पर उतरने के बाद राष्ट्रपति कानपुर के पनकी स्थित पीएसआइटी में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में शामिल होने बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे। यहां बांग्लादेश, ओमान, सिंगापुर समेत अन्य देशों से शिक्षाविद् व वैज्ञानिक भाग ले रहे हैं। राष्ट्रपति ने पीएसआईटी कॉलेज में रीसेंट एडवांसमेंट इन कंप्यूटर साइंस कम्युनिकेशन एंड इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी विषय पर हुई इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में कहा कि आईआईटी कानपुर देश के सबसे पुराने आईआईटी में एक है। ऐसे संस्थान प्रदूषण व जलवायु परिवर्तन के कारण होने वाली समस्याओं का समाधान तलाश रहे हैं। कपड़ा व चर्म उद्योग में विश्व स्तर पर पहचान बनाने वाले कानपुर में आज तकनीक के साथ प्रदूषण भी बढ़ा है।
उन्होंने कहा कि प्रदूषण बढ़ाने में भी कहीं ना कहीं तकनीक की भूमिका भी रहती है। इसका समाधान भी तकनीक से ही निकाला जा सकता है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग व इंटरनेट ऑफ थिंग्स थैंक्स ने जहां काम को आसान व पारदर्शी बनाया है वही कामकाजी मनुष्य की जरूरत भी कम हुई है। राष्ट्रपति ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस में इन समस्याओं पर और सारे पहलू पर मंथन किया जाना चाहिए। वैज्ञानिक, शिक्षाविद व शोधार्थी मिलकर इसका समाधान तलाश सकते हैं। खुशी की बात है कि आज महान वैज्ञानिक जगदीश चंद्र बोस का जन्मदिन भी है। इस मौके पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी मौजूद थीं । राष्ट्रपति सर्किट हाउस में रात्रि विश्राम करेंगे।