अयोध्या मामले पर फैसला आज
   Date09-Nov-2019

नई दिल्ली द्य 8 नवंबर (वा) उच्चतम न्यायालय अयोध्या के राम जन्मभूमि, बाबरी ढांचा जमीन विवाद में शनिवार को ऐतिहासिक फैसला सुनाएगा।
मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति एसए बोबड़े, न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति एस. अब्दुल नजीर की संविधान पीठ कल सुबह 10.30 बजे अपना निर्णय सुनाएगी। सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर आज शाम एक नोटिस जारी करके इस बारे में जानकारी दी गई है। आमतौर पर शनिवार को सुप्रीम कोर्ट में अवकाश होता है और ऐसी उम्मीद जताई जा रही थी कि मामले में 13 से 15 नवंबर के बीच फैसला आएगा, लेकिन अभूतपूर्व निर्णय लेते हुए फैसले के लिए कल की तारीख मुकर्रर की गई है। संविधान पीठ ने 40 दिन हुई सुनवाई के बाद गत 17 अक्टूबर को फैसला सुरक्षित रख लिया था। इससे पहले आज मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने उत्तरप्रदेश के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक से मुलाकात करके अयोध्या और राज्य के अन्य हिस्सों में कानून-व्यवस्था का जायजा लिया था। सूत्रों के अनुसार सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री और मुख्य न्यायाधीश ने अयोध्या राम जन्मभूमि- बाबरी ढांचा भूमि विवाद मामले को लेकर अयोध्या और राज्य के अन्य संवेदनशील स्थानों में स्थिति की समीक्षा की। राज्य के शीर्ष अधिकारियों ने न्यायमूर्ति गोगोई को बताया कि वे पूरी तरह से तैयार हैं और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं।
प्रशासन ने फोर्स की 100 कंपनियां मांगीं - अयोध्या जिले को चार जोन- रेड, येलो, ग्रीन और ब्लू में बांटा गया है। इनमें 48 सेक्टर बनाए गए हैं। विवादित परिसर, रेड जोन में स्थित है। पुलिस के मुताबिक, सुरक्षा योजना इस तरह बनाई जा रही है कि एक आदेश पर पूरी अयोध्या को सील किया जा सके। प्रशासन ने फैसले का समय नजदीक आने पर, अर्धसैनिक बलों की अतिरिक्त 100 कंपनियां मांगी हैं।
चिह्नित लोगों पर वालंटियर की रहेगी नजर -एडीजी कानून-व्यवस्था ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक व भ्रामक पोस्ट करने वाले व्यक्तियों के बारे में डिजिटल वालंटियर ग्रुप के माध्यम से जानकारी साझा की जाए, जिससे इस प्रकार के व्यक्तियों द्वारा की जाने वाली भ्रामक पोस्ट पर डिजिटल वालंटियर ग्रुप के सदस्यों द्वारा भी सतर्क दृष्टि रखी जा सके।