किसान मल्टी क्रॉप पद्धति से खेती करें -टंडन
   Date08-Nov-2019

भोपाल द्य 7 नवंबर (वा)
राज्यपाल लालजी टंडन ने कहा कि मध्यप्रदेश विभिन्न फसलों के उत्पादन में पहले स्थान पर है, अब किसानों को मल्टी क्रॉप पद्धति को अपनाते हुए खेती करनी चाहिए क्योंकि लगातार एक ही फसल बोये जाने से उत्पादन और मूल्यों में गिरावट आती है, जिसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ता है। श्री टंडन ने आज राजभवन में जवाहरलाल नेहरू कृषि विवि, जबलपुर और राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय, ग्वालियर के कुलपतियों के साथ कृषि विकास एवं विस्तार और कृषि से होने वाली आमदनी को बढ़ाने के संबंध में विस्तार से चर्चा की। राज्यपाल ने विश्वविद्यालय संचालन में आने वाली समस्याओं से अवगत होते हुए उसके समाधान के लिए कुलपतियों को आश्वस्त किया। बैठक में प्रमुख सचिव कृषि अजीत केसरी, राज्यपाल के सचिव मनोहर दुबे और विधि अधिकारी भरत पी. महेश्वरी उपस्थित थे।श्री टंडन ने कहा कि विश्वविद्यालय को अध्ययन और शोध के द्वारा निर्धारित करना चाहिए कि कितने प्रतिशत स्थान में कौन-सी फसल बोई जाए।
साथ ही वैज्ञानिक पद्धति से खेती करने के लिए किसानों को प्रेरित भी करना चाहिए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों को समय-समय पर किसानों से विचार विमर्श करना चाहिए, जिससे वैज्ञानिक और पारंपरिक खेती के बीच तालमेल बन सके।राज्यपाल ने जैविक खेती, जीरो बजट खेती और बागवानी के द्वारा किसानों को आर्थिक रूप से सम्पन्न बनाने और कृषि विश्वविद्यालय में नवाचार करने पर जोर दिया। उन्होंने किसानों को गोबर, गोमूत्र, बेसन और गुड़ से बनने वाली जीवामृत खाद का उपयोग करने की सलाह देने की जरूरत बताई। श्री टंडन ने कहा कि अन्य राज्यों की फसलों को मध्यप्रदेश में वैज्ञानिक पद्धति से उत्पादित करने के लिये कृषि विश्वविद्यालय पहल करें। अपने प्रचलित पाठ्यक्रमों के अलावा अन्य रोजगारमूलक पाठ्यक्रम भी शुरू करें।