प्रहलाद लोधी की सजा पर फिलहाल कोर्ट द्वारा रोक
   Date08-Nov-2019

2 माह बाद 7 जनवरी को होगी अगली सुनवाई
जबलपुर द्य 7 नवंबर (व)
मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने एक अधिकारी के साथ मारपीट से जुड़े आपराधिक मामले में भाजपा के नेता प्रहलाद लोधी को भोपाल की विशेष अदालत द्वारा सुनाई गई दो साल की सजा पर आज रोक लगा दी।
राज्य उच्च न्यायालय की एकलपीठ के न्यायाधीश वीपीएस चौहान ने पवई से भाजपा के विधायक प्रहलाद लोधी की दो साल की सजा पर अगले दो माह के लिए रोक लगा दी है। इस मामले की अगली सुनवाई दो माह बाद आगामी सात जनवरी तय की गई है। अदालत ने आदेश में लिखा है कि याचिकाकर्ता प्रहलाद लोधी की सजा पर रोक के पक्ष में मजबूत आधार लगता है। आवेदक के अधिवक्ता ने बताया है कि सजा और जुर्माना 31 अक्टूबर को सुनाया गया और उन्होंने चार नवंबर को अपील लगाई। विधानसभा अध्यक्ष ने बहुत ही जल्दी दिखाते हुए दो नवंबर को आवेदक की विधानसभा से सदस्यता समाप्त करने संबंधी आदेश पारित कर दिया। साथ ही सीट को भी रिक्त घोषित कर दिया। इन स्थितियों में सजा पर रोक बहुत आवश्यक है, क्योंकि आवेदक राज्य विधानसभा का सदस्य है। उच्च न्यायालय ने विधानसभा सचिवालय के दो नवंबर के आदेश का जिक्र करते हुए अपने आदेश में लिखा है कि उसे (न्यायालय) लगता है कि सजा पर रोक लगाने की जरूरत है। उच्च न्यायालय ने उसके समक्ष पेश की गई दलीलों के हवाले से यह भी दृढ़ राय व्यक्त की है कि जिस तरह से निचली अदालत के समक्ष अभियोजन की ओर से साक्ष्य प्रस्तुत किए गए, उसके आधार पर भी आवेदक के पक्ष में मजबूत आधार है। इसलिए भी अदालत आवेदक की सजा पर रोक लगाने के लिए प्रवृत हुई है। इसके पहले कल इस मामले में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश ने अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था। अदालत ने आज सुनाए गए फैसले में कहा कि आवेदक प्रहलाद लोधी की सजा पर सात जनवरी तक रोक रहेगी। हालांकि इस दौरान आवेदक किसी भी आपराधिक कृत्य में लिप्त नहीं पाया जाना चाहिए। पन्ना जिले में एक सरकारी अधिकारी को बीच सड़क पर रोककर उनके साथ मारपीट करने से जुड़े आपराधिक मामले में भोपाल की विशेष अदालत ने 31 अक्टूबर को प्रहलाद लोधी समेत लगभग एक दर्जन आरोपियों को दोषी पाते हुए दो साल की कैद और जुर्माने की सजा सुनाई है।