केंद्र के फैसले लोगों के हित में - मोदी
   Date08-Nov-2019

धर्मशाला द्य 7 नवम्बर (वा)
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि केंद्र सरकार देश के लोगों के हितों को ध्यान में रखकर फैसले ले रही है और पूरी ईमानदारी से नीतियों को लागू कर रही है।
श्री मोदी ने गुरुवार को यहां हिमाचलप्रदेश सरकार की ओर से आयोजित वैश्विक निवेश सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार देश के विकास में राज्यों को आगे बढ़ा रही है और आज यहां जो कार्यक्रम आयोजित किया गया है, वह दर्शाता है कि अब राज्य भी विकास की दौड़ में शामिल हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि एक वर्ष पहले हिमाचलप्रदेश में इस तरह के आयोजन की कोई कल्पना नहीं कर सकता था, लेकिन हिमाचलप्रदेश सरकार ने यह करके दिखाया है और यह प्रदेश प्रगति के रास्ते पर निकल चुका है। श्री मोदी ने कहा कि हिमाचलप्रदेश के कण-कण में उर्जा और प्राकृतिक संसाधनों की असीमित मात्रा है, लेकिन इनका दोहन नहीं किया गया है और इसी कारण प्रदेश विकास की दौड़ में पिछड़ गया था, लेकिन अब वह कमर कस चुका है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि राज्य प्रगति करेंगे तो देश का विकास होगा और भारत विश्व के मानचित्र पर अपना स्थान हासिल कर लेगा। श्री मोदी ने कहा कि कुछ वर्षों पहले तक
सभी राज्य अपने यहां निवेश को आकर्षित करने के लिए करों में छूट देने जैसे तरीके अपनाते थे, लेकिन निजी कंपनियां इस बात के इंतजार में रहती थी कि कौन-सा राज्य ज्यादा रियायत देगा और इसी वजह से कोई भी कंपनी अपना कारोबार स्थापित नहीं करती थी।
उन्होंने कहा कि एक अन्य कारण बहुत अधिक सरकारी नियमों और इंस्पेक्टर राज के कारण निजी क्षेत्र की कंपनियों ने इसमें कोई रुचि नहीं दिखाई थी, लेकिन उन्होंने 2003 में वाइब्रेंट गुजरात का आयोजन कर निजी कंपनियों के लिए निवेश का माहौल तैयार किया और सरकारी नियमों कायदे कानूनों में बहुत कमी की थी। इसके बाद से सभी राज्यों में ऐसा करने की होड़-सी लग गई। श्री मोदी ने कहा कि विकास की गाड़ी चार पहियों पर चलती है और इनमें समाज, सरकार, उद्योग जगत तथा ज्ञान शामिल है। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार हमेशा देशहित और नागरिकों के लिए लिए काम कर रही है और कल कैबिनेट की बैठक में मध्यम वर्ग के लिए एक बड़ा निर्णय लिया और इससे देश के मध्यम वर्ग के साढ़े चार लाख परिवारों का अपने घर का सपना साकार हो जाएगा। श्री मोदी ने कहा कि 2014 में जब उनकी सरकार सत्ता में आई थी तो उस वक्त कारोबारी सहूलियत के क्षेत्र में आसानी में भारत का स्थान बहुत अधिक था, लेकिन सरकार ने पिछले पांच वर्षों में इस रैंकिंग में 79 अंकों का सुधार कर विश्व में अपनी नई पहचान बनाई है।