अयोध्या फैसले पर साम्प्रदायिक सौहार्द बनाए रखेगा हिन्दू और मुस्लिम समाज
   Date06-Nov-2019

नई दिल्ली द्य 5 नवम्बर (वा)
हिन्दू और मुस्लिम समाज ने लोगों से अयोध्या में विवादित भूमि के बारे में उच्चतम न्यायालय के फैसले का सम्मान करने और साम्प्रदायिक सौहार्द बनाये रखने की अपील अभा संत समिति की अगुवाई में की है। दोनों समुदायों के लोगों ने कहा है कि वे न्यायालय के फैसले को स्वीकार करेंगे और स्थिति को साम्प्रदायिक रंग नहीं लेने देंगे। अखिल भारतीय संत समिति, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ एवं विहिप ने जहां हिन्दू समाज की ओर से लोगों से अपील की, वहीं ऑल इंडिया पर्सनल लॉ बोर्ड और जमाते इस्लामी हिन्द ने मुस्लिम समाज की ओर से यह आह्वान किया।
ठ्ठ केन्द्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी के घर पर हुई एक बैठक में भी संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल, अखिल भारतीय सह सम्पर्क प्रमुख रामलाल, भाजपा के नेता शाहनवाज हुसैन, जमीयत उलेमा-ए-हिन्द के महासचिव मौलाना महमूद मदनी, पूर्व सांसद शाहिद सिद्दिकी, शिया धर्मगुरु मौलाना कलबे जव्वाद, पत्रकार कमर आगा, फिल्म निर्माता मुजफ्फर अली और शिक्षाविद फुरकान अहमद आदि ने भी इस तरह के विचार व्यक्त किए। मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और जमाते इस्लामी ने एक प्रस्ताव पारित कर सरकार से मांग की है कि वह उच्चतम न्यायालय का फैसला आने पर देश में शांति, सौहार्द्र और कानून व्यवस्था की स्थिति सुनिश्चित करे। उन्होंने मीडिया से भी अपील की है कि वह दोनों समुदायों के बीच नफरत और घृणा का माहौल न फैलाये और शांति बनाये रखने के लिए जिम्मेदारी से काम करे। देश में साधु-संतों की सर्वोच्च संस्था अखिल भारतीय संत समिति के राष्ट्रीय महामंत्री दंडी स्वामी जीतेन्द्रानंद सरस्वती ने देश के सभी संतों को एक पत्र लिखकर निवेदन किया है कि सभी संत इस विषय को जय-पराजय से दूर रखकर राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता बनाये रखने में सहयोग करें। उनके प्रवचन तथा भाषण समाज में उन्माद पैदा न करें। किसी को चिढ़ाने का कार्य न हो।