अयोध्या में चौदह कोसी परिक्रमा कड़ी सुरक्षा के बीच आज से
   Date05-Nov-2019


अयोध्या द्य 4 नवम्बर (वा)
अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर फैसले की घड़ी समीप है और इसी समय अवधि में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या में कल मंगलवार सुबह से चौदह कोसी परिक्रमा शुरू हो रही है और इसके लिए सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं।
चौबीस घंटे चलने वाली यह चौदह कोसी परिक्रमा पांच नवम्बर को सुबह छह बजकर पांच मिनट से शुरू होगी, जो छह नवम्बर सुबह सात बजकर उन्चास मिनट पर समाप्त होगी। मान्यताओं के मुताबिक बड़ी परिक्रमा अर्थात चौदह कोसी परिक्रमा का सीधा सम्बन्ध मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के चौदह वर्ष के वनवास से है। किंवदंतियों के अनुसार श्रीराम के चौदह वर्ष के वनवास से अपने को जोड़ते हुए अयोध्यावासी हर साल एक कोसी परिक्रमा कर चौदह वर्ष के लिए चौदह कोस परिक्रमा पूरी की। इसके आधार पर यह परम्परा बन गई। इस परम्परा का निर्वहन करते हुए आज भी कार्तिक की अमावस्या अर्थात दीपावली के नौवें दिन दूरदराज से लाखों श्रद्धालु यहां आकर चौदह कोस के एक निर्धारित मार्ग पर अयोध्या व फैजाबाद नगर के चारों तरफ नंगे पांव पैदल चलकर अपनी-अपनी परिक्रमा पूरी करते हैं।
14 कोस को पूरा करते हैं 7 घंटे में - इस परिक्रमा में ज्यादा श्रद्धालु ग्रामीण अंचलों से आते हैं। अपने परिजन साथियों के साथ विभिन्न मंदिरों में आकर शरण लेते हैं। परिक्रमा में ज्यादातर लोग चलकर ही अपनी परिक्रमा पूरा करना चाहते हैं, क्योंकि रुक जाने पर मांसपेशियों में खिंचाव आ जाने से थकान का अनुभव जल्दी होने लगता है। यद्यपि श्रद्धालुओं में ना रुकने की चाह रहती है, फिर भी लम्बी दूरी की वजह से रुकना तो पड़ता ही है। विश्राम के लिए रुकने वालों में ज्यादातर वृद्ध या अधिक उम्र के लोग रहते हैं।
इनके विश्राम नि:शुल्क प्राथमिक चिकित्सा केन्द्र व जलपान गृहों का इंतजाम रहता है। चौदह कोसी परिक्रमा श्रद्धालु छह सात घंटे में पूरी कर लेते हैं।