मंदिर निर्माण की सामग्री तैयार
   Date04-Nov-2019

अयोध्या पर फैसले की घड़ी : देशवासियों को बेसब्री से इंतजार, विहिप ने कहा-
अयोध्या द्य 3 नवम्बर (वा)
अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मामले का फैसला आने से पहले राम मंदिर के प्रस्तावित मॉडल के अनुसार प्रथम तल की निर्माण सामग्री लगभग तैयार कर ली गई है। विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) के प्रांतीय मीडिया प्रभारी शरद शर्मा ने रविवार को कहा कि राम मंदिर का निर्माण शुरू करने से पहले का लगभग 65 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है।
जैसे ही मंदिर का निर्माण शुरू होगा, वैसे ही दूसरे तल के लिए पत्थरों का तराशना शुरू हो जाएगा। उन्होंने बताया कि कार्यशाला की स्थापना 1990 में हुई थी, तभी से मंदिर के लिए पत्थर तराशे जा रहे हैं। वर्ष 1855 से चल रहे अयोध्या विवाद मामले की भले ही उच्चतम न्यायालय में सुनवाई अब जाकर पूरी हुई हो, लेकिन अयोध्या में प्रस्तावित राम मंदिर का मॉडल 1889 में प्रयागराज कुम्भ के दौरान ही देवरहा बाबा समेत देश के शीर्ष संतों के अनुमोदन पर तैयार कर लिया गया था।
राम मंदिर मॉडल के चित्र को घर-घर तक पहुंचाने का कार्य किया गया, जिसके बाद शिला पूजन का कार्यक्रम कर अयोध्या में सितम्बर 1990 में राम मंदिर कार्यशाला की स्थापना की गई और चंदन की लकड़ी से बने राम मंदिर के प्रस्तावित मॉडल को अयोध्या की इस कार्यशाला में रखा गया। विहिप के मीडिया प्रभारी ने बताया कि राम मंदिर में लगने वाले पत्थर की आयु एक हजार वर्ष है, जिसका प्रयोगशाला में परीक्षण भी किया जा चुका है। कई दशकों तक चले मुकदमे के बाद अब कुछ ही दिनों में देश-दुनिया के चर्चित मामले का फैसला आने वाला है। उन्होंने बताया कि अयोध्या से 1384 किलोमीटर दूर गुजरात के अहमदाबाद में रहने वाले चंद्रकांत भाई सोमपुरा ने राम मंदिर का डिजाइन तैयार किया था, जिसे श्रीराम जन्मभूमि न्यास के कार्यशाला में रखा गया है। इसका दूसरा मॉडल विश्व हिन्दू परिषद मुख्यालय कारसेवकपुरम् में भी रखा गया है। एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा- जब हमने मंदिर का मॉडल तैयार किया था, तब पत्थरों की कीमत आज के मुकाबले बहुत कम थी। तब पचास रुपए प्रति वर्गफीट पत्थर मिलता था, लेकिन आज उसी पत्थर की कीमत पांच सौ रुपए प्रति वर्गफीट हो गई है। जितना लम्बा और चौड़ा पत्थर लेंगे, उतनी ज्यादा कीमत चुकानी पड़ेगी।