अर्थव्यवस्था पर दो टूक...
   Date30-Nov-2019

विश्व में चल रही आर्थिक सुस्ती का विशेषज्ञ व आर्थिक दखल रखने वाले समूह, कारोबारी व औद्योगिक जगत से आने वाली लगातार प्रतिक्रियाओं व आर्थिक मंदी की निरंतर बातें करने वाले विपक्ष को उस समय दो टुक जवाब मिल गया, जब बुधवार को देश की वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने 'देश की आर्थिक स्थितिÓ पर अल्पकालिक चर्चा का जवाब देते हुए स्पष्ट कहा कि देश की अर्थव्यवस्था सही रास्ते पर है... बिना वजह भय का यह फिर भ्रमित करने का माहौल बनाकर लोगों को डराने की जरूरत नहीं है... बात कुछ हद तक वित्तमंत्री के अनुसार सही भी है... क्योंकि जब देशभर में मौसम की भयावह त्रासदी व बाढ़ जैसे हालात के बावजूद रोजमर्राई जीवन के त्योहार एवं उत्सवों पर खरीदी-बिक्री व व्यापार-कारोबार का निर्बाध सिलसिला जारी रहा है, फिर कोई कैसे कह सकता है कि देश में एकतरफा रूप से सुस्तीवाड़ा पसरा हुआ है..? इसमें कोई दो राय नहीं कि हाल की तिमाहियों में आर्थिक विकास दर में जो गिरावटें दर्शाई गई है या भविष्य में गिरावट के लगातार संकेत मिलते रहे हैं, उनका निचौड़ यही रहा है कि कई बार तकनीकी खामियों से भी इसके अनुमान पर विपरीत असर दिखाई देता है... वैसे तो अर्थव्यवस्था का आधार बहुत मजबूत है... क्योंकि जब से वैश्विक मंदी की भनक देश में लगी या फिर उसके कुछ असर उद्योग व कारोबारी जगत में कर्मचारियों की छंटनी या फिर निर्यात व उत्पादन में कमी और ऑटो मोबाइल सेक्टर में वाहनों की बिक्री में कमी का ग्रॉफ लगातार दर्शाया जाने लगा, तब केन्द्र सरकार और वित्त मंत्रालय के साथ ही नीति आयोग ने निरंतर ऐसे कदम उठाए, जिससे कारोबार को सुगम बनाने व आर्थिक प्रक्रिया को चलायमान रखने के असर भी सामने आए... क्योंकि जब बड़े उद्योगपतियों व कारपोरेट हाऊस को भी टैक्स में छूट की पहल हुई, बैंकों के राष्ट्रीयकरण का एक बड़ा फैसला चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया गया और अर्थव्यवस्था को गति देने वाले देशहित में व जनहित में ऐसे 32 प्रमुख बिन्दुओं पर फैसले लिए गए, जिनका जमीनी प्रभाव दिखने लगा है... यानी वित्त मंत्री ने विपक्ष को कोरी अफवाह फैलाने या देश में आर्थिक मंदी की स्थिति को लेकर निराधार बयानबाजी से बचने की नसीहत के साथ सदन से देशवासियों को देश के आर्थिक हालात पर अवगत करा दिया है... हालांकि इंडिया रेटिंग्स ने चौथी बार सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि के अनुमान में कमी दर्शाई है... जुलाई-सितम्बर की तिमाही में इसके 4.7 प्रतिशत रहने का अनुमान व्यक्त किया गया है... यह छठी तिमाही में भी गिरावट को दर्शा रहा है... हालांकि 2019-20 में 5.6 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया जा रहा है... एक माह पहले एजेंसी ने इसे 6.1 प्रतिशत रहने का अनुमान दर्शाया था... यह सारी प्रक्रिया तकनीकि रूप से उस पैमाने की कामयाबी दर्शा रही है, जो सिर्फ आर्थिक स्थितियों को अपने परम्परागत तरीके या चश्में से इतर देखने को तैयार नहीं है... जबकि स्थिति इस मान से भी अवलोकन करने लायर है कि क्या लोगों की आमदनी और उस पर खर्च की मात्रा में कितने प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है..?
दृष्टिकोण
शंजन की प्रतिभा मप्र का गौरव...
यह शाश्वत वाक्य है कि प्रतिभा किसी की मौहताज नहीं होती, बस उसे एक अवसर चाहिए... यह अनेक बार देश-प्रदेश की प्रतिभाओं ने सिद्ध भी कर दिखाया है... बिना संसाधन, बिना शिक्षण व आर्थिक विपन्नता के बावजूद प्रतिभाएं किस तरह से अपने माता-पिता, परिवार का ही नहीं, प्रदेश व देश का भी गौरव बढ़ाने में महती भूमिका निभाती है... बुधवार को इस तरह का क्षण उस समय आया, जब मंत्रालय में मुख्यमंत्री कमलनाथ ने तीन वर्षीय कुमारी शंजन की प्रतिभा को देखकर न केवल खुशी व्यक्त की, बल्कि उसकी प्रतिभा को धन्य कहकर उसे मध्यप्रदेश का गौरव भी बताया... 235 देशों के नाम और उनकी राजधानी मुखाग्र रखने वाली उज्जैन निवासी शंजन कुमारी के माता श्रीमती मानसी थम्मा एवं नाना रमेशचंद्र शर्मा के साथ मंत्रालय की पांचवी मंजिल पर मुख्यमंत्री कमलनाथ से रूबरू हुई थी... मुख्यमंत्री ने इस दौरान शंजन कुमारी का अभिभूत होकर स्वागत किया, गर्मजोशी से हाथ मिलाया और उनके मेडल व उपलब्धियों, प्रशस्ती पत्र को भी एक-एक करके निहारा... बाद में मुख्यमंत्री ने शंजन कुमारी को फूलों से लदा गुलदस्ता भेंट करके उनका सम्मान किया... सही मायने में यह अद्वितीय क्षण है, मध्यप्रदेश की धरा के लिए जब बेटियां एक से एक कीर्तिमान रच रही है... इसके पहले माउंट एवरेस्ट पर चढऩे वाली सीहोर जिले की मेघा परमार ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी... योग्यता-प्रतिभा किस तरह से अपनी राह खुद बना लेती है और सफलताएं उसके कदम चूमने को तत्पर रहती है, यह सिद्ध किया है नन्ही सी शंजन कुमारी ने, जिसको मुख्यमंत्री भी मप्र का गौरव बताने से नहीं चूके...