भाजपा की बैठक में उठा महिला आरक्षण का मुद्दा
   Date30-Nov-2019

भोपाल द्य स्वदेश समाचार
भाजपा अपने संगठन को मजबूत करने के लिए काम कर रही है। मंडल अध्यक्ष के बाद जिला अध्यक्षों के लिए रायशुमारी जारी है। जिलाध्यक्षों के बाद प्रदेश अध्यक्ष चुना जाएगा। इन सब के बीच भाजपा के उस दावे पर सवाल खड़े हो रहे हैं, जो उनके नेता महिलाओं को पार्टी में 33 प्रतिशत आरक्षण देने को लेकर करते हैं। वर्तमान में न ही प्रदेश अध्यक्ष महिला है और न ही किसी जिले की जिला अध्यक्ष। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या भाजपा महिलाओं को मौका देगी। भाजपा मुख्यालय में निर्वाचन पदाधिकारियों की बैठक हुई। इस बैठक में महिला आरक्षण की गूंज भी सुनाई दी, हालांकि महिला आरक्षण की बात को लेकर कोई भी खुलकर सामने नहीं आया।
कांगे्रस ने कसा तंज - विधि मंत्री पीसी शर्मा ने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि भाजपा नाटक करती है, वह कभी महिलाओं को आरक्षण नहीं देती। भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सिर्फ दिखावे की राजनीति करते हैं। या तो पार्टी में महिलाओं की कमी है या फिर भाजपा महिलाओं को आगे लाने में कतरा रही है। ऐसे कई सवाल हैं, जिनके जवाब भाजपा के नेताओं के पास से गोलमोल अंदाज में सामने आते हैं।
महिला आरक्षण पर भाजपा का तर्क - महिलाओं को पार्टी में आरक्षण के मामले पर प्रदेश भाजपा प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने कहा कि पार्टी में पदाधिकारी और कार्यकारिणी में 33 फीसदी का आरक्षण महिलाओं के लिए संवैधानिक व्यवस्था है। भाजपा एकमात्र राजनीतिक दल है, जो महिलाओं को आरक्षण देता है। उन्होंने जिला अध्यक्षों में महिलाओं को आरक्षण दिए जाने के सवाल पर कहा कि भाजपा का कोई भी कार्यकर्ता जिला अध्यक्ष, प्रदेश अध्यक्ष, मंडल अध्यक्ष बन सकता है।