ई-सिगरेट पर प्रतिबंध लगाने वाला विधेयक लोस में ध्वनिमत से पारित
   Date28-Nov-2019

नई दिल्ली ठ्ठ 27 नवंबर (वा)
इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट पर प्रतिबंध लगाने वाले 'इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट (उत्पादन, विनिर्माण, आयात, निर्यात, परिवहन, विक्रय, वितरण, भंडारण एवं विज्ञापन ) प्रतिबंध विधेयकÓ को लोकसभा ने बुधवार को ध्वनिमत से पारित कर दिया।
स्वाथ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवद्र्धन ने विधेयक पर हुई चर्चा का जवाब में देते हुए इस विधेयक को समर्थन देने के लिए सदन के सभी सदस्यों का आभार जताया और कहा कि इस विधेयक के पारित होने से देश में युवा पीढ़ी को ई-सिगरेट जैसे नशे की चपेट में आने से रोका जा सकेगा। डॉ. हर्षवद्र्धन ने ई-सिगरेट से होने वाले नुकसान का विस्तार से विवरण देते हुए कहा वैज्ञानिक साक्ष्य हैं कि ई-सिगरेट से कई प्रकार के विषैले पदार्थ निकलते हैं जिससे कई बीमारियां होती हैं और इसका जहर अचानक शरीर के किसी भी हिस्सों को प्रभावित करता है। ई-सिगरेट में निकोटिन पाया जाता है और अगर निकोटिन का सेवन शुद्ध रूप में किया जाए तो कैंसर जैसी घातक बीमारी भी हो सकती है। पहले निकोटिन सल्फेट का प्रयोग कीटनाशक के रूप में किया जाता था लेकिन इस पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। उन्होंने कहा कि ई-सिगरेट से होने वाले इस खतरे की गंभीरता को भांपते हुए सरकार गत 18 सितंबर को एक अध्यादेश लाकर आई जिससे पूरे देश में ई-सिगरेट के आयात, उत्पादन, बिक्री, विज्ञापन, भंडारण और वितरण पर रोक लगा दी थी। प्रतिबंध का उल्लंघन करने वालों के लिए एक वर्ष तक के कारावास अथवा एक लाख रुपए के जुर्माने या दोनों की सजा का प्रावधान किया गया है। ई-हुक्का, हीट नोट बर्न उत्पाद आदि युक्तियों पर भी इसी अध्यादेश के तहत रोक लगाई गई है।