महाराष्ट्र में बड़़ा राजनीतिक उलटफेर
   Date23-Nov-2019

मुुंबई द्य 23 नवम्बर (वा)
महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के बाद एक महीने तक चले राजनीतिक गतिरोध के बाद अचानक एक बड़े राजनीतिक उलटफेर में शनिवार को भाजपा के श्री देवेन्द्र फडनवीस ने मुख्यमंत्री पद और राकांपा के एक धड़े के श्री अजीत पवार ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। ३० नवम्बर तक बहुमत सिद्ध करने का समय दिया है। राज्यपाल भगतसिंह कोश्यारी ने सुबह करीब साढ़े सात बजे श्री फडनवीस को मुख्यमंत्री और राकांपा के श्री अजीत पवार को उपमुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई।
श्री कोश्यारी ने श्री फडनवीस को सदन में अपना बहुमत सिद्ध करने के लिए 30 नवम्बर तक का समय दिया है।
श्री कोश्यारी ने पहले राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन हटाने की अनुशंसा की। सुबह करीब साढ़े पांच बजे राष्ट्रपति शासन हटाये जाने के बाद राजभवन में श्री फडनवीस को मुख्यमंत्री और राकांपा के श्री पवार को उपमुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई गई। श्री कोश्यारी ने राजभवन में दोनों नेताओं को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस मौके पर भाजपा और राकांपा दोनों पार्टियों का कोई भी बड़ा नेता उपस्थित नहीं था।
सरकार के गठन के बाद राकांपा के अध्यक्ष शरद पवार ने सरकार में शामिल होने के श्री अजीत पवार के निर्णय से किनारा कर लिया, जबकि श्री फडनवीस ने दावा किया कि उनके पास पूर्ण बहुमत है। श्री शरद पवार ने दावा किया कि श्री अजीत पवार के पास मात्र 10-11 विधायक हैं, पहले उनके साथ 15 विधायक थे, जिनमें से चार विधायक लौट आए हैं। इस प्रकार से शपथ ग्रहण के बावजूद सरकार के समीकरणों के बारे में अभी तक कोई स्पष्टता नहीं है। श्री अजीत पवार को कितने विधायकों का समर्थन हासिल है और बहुमत के लिए बाकी विधायक कहां से आएंगे, इस बारे में कोई खुलासा नहीं किया गया है।
अजीत ने राज्य की जनता, शरद पवार से किया धोखा - शिवसेना
मंबई। महाराष्ट्र में शनिवार सुबह हुए नाटकीय राजनीतिक उलटफेर पर शिवसेना के नेता एवं सांसद संजय राउत ने कहा कि अजीत पवार ने महाराष्ट्र की जनता और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) प्रमुख शरद पवार को धोखा दिया है। श्री राउत ने यहां संवाददाताओं से कहा कि कल तक राकांपा के अजीत पवार बैठक में शामिल थे, लेकिन वह आंख से आंख नहीं मिला पा रहे थे, जिससे उनकी कार्यप्रणाली को लेकर शंका हो रही थी। श्री अजीत पवार ने अपने चाचा श्री शरद पवार और महाराष्ट्र की जनता को धोखा दिया है। उन्होंने कहा कि कि भाजपा ने राजभवन का अनुचित लाभ उठाया है। उन्होंने कहा कि मुझे ऐसा लगता है कि श्री अजीत पवार की जगह जेल में थी, जिसके डर से अपने बचाव के लिए उन्होंने भाजपा को समर्थन दिया है। उन्होंने कहा कि आज सुबह दो बार श्री उद्धव ठाकरे और श्री शरद पवार के बीच टेलीफोन पर बातचीत हुई है। मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि भाजपा को समर्थन देने में श्री पवार का कोई हाथ नहीं है। उन्होंने कहा कि श्री अजीत पवार के साथ जो विधायक गए हैं, उन्होंने महाराष्ट्र की जनता का अपमान किया है और जनता इसके लिए उन्हें सबक सिखाएगी।
फडनवीस-अजीत को मोदी, शाह ने दी बधाई
ठ्ठ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को एक ट्वीट में कहा- महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने पर श्री फडनवीसजी और अजीत पवारजी को बधाई। मुझे विश्वास है कि वे महाराष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य के लिए पूरे लगन से काम करेंगे।
ठ्ठ भाजपा के अध्यक्ष एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ट्वीट कर कहा- श्री देवेन्द्र फडनवीसजी को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और श्री अजीत पवार को उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने पर हार्दिक बधाई।
सुबह आठ बजकर सात मिनट पर शपथ ग्रहण
अभी रात का अंधेरा बाकी था। शनिवार सुबह के छह बजे थे देवेंद्र फडणवीस को राजभवन से सरकार बनाने व शपथ ग्रहण का न्योता भेज दिया गया। फडणवीस ने अजित पवार को इसकी सूचना दी। उन्होंने राजभवन से अपने साथ अजित पवार को उपमुख्यमंत्री बनाने के लिए अनुरोध किया। तब तक सूर्योदय हो गया था। इसके बाद दोनों दलों के प्रमुख नेता साढ़े सात बजे राजभवन में पहुंच गए। आठ बजकर सात मिनट पर नई सरकार ने शपथ ग्रहण किया।
उद्धव के नाम का ऐलान होने तक इंतजार
ठ्ठ सूत्रों के अनुसार यह तय किया गया था कि पहले शिवसेना के नेता उद्धव ठाकरे के नाम की घोषणा हो जाने दो उसके बाद सारा अभियान शुरू किया जाएगा। हुआ भी ऐसा। शिवसेना अपनी सरकार व अपने नेता के मुख्यमंत्री बनना तय होते ही अगले दिन के जश्न की तैयारी में डूब गई और भाजपा ने अपना मिशन मुंबई शुरू कर दिया।
देर शाम फडणवीस ने दावा पेश किया
ठ्ठ मुंबई में शाम को जब शरद पवार शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे को भावी मुख्यमंत्री बता रहे थे, तभी बैठक से निकलकर गए उनके भतीजे व एनसीपी विधायक दल के नेता अजित पवार भाजपा नेताओं के पास पहुंच गए। पटकथा लिखी जा चुकी थी। देवेंद्र फणनवीस ने राजभवन जाकर देर शाम दावा पेश किया और एनसीपी के समर्थन की सूची सौंपी। राज्यपाल ने एनसीपी के नेता के आने की बात कही।
रात पौने 12 बजे अजीत ने सूची सैंपी
ठ्ठ लगभग पौने 12 बजे अजित पवार अपने विधायकों की हस्ताक्षर युक्त सूची लेकर राजभवन पहुंच गए। भाजपा नेता देवेंद्र फणनवीस भी वहां पर पहुंचे थे, जिनके पास अपने 105 व निर्दलीय 14 विधायकों का समर्थन था। एनसीपी के 54 विधायकों के समर्थन के साथ 173 विधायकों के समर्थन के पत्र राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को सोंपे गए।
तड़के चार बजे राष्ट्रपति शासन हटाने का फैसला
ठ्ठ इसके साथ ही राज्यपाल ने राष्ट्रपति शासन हटाने की संस्तुति केंद्रीय गृह मंत्रालय को कर दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैबिनेट के कामकाज के नियम 12 के तहत राष्ट्रपति शासन हटाने के लिए राष्ट्रपति को सिफारिश कर दी। इस नियम के तहत प्रधानमंत्री में मंत्रिमंडल की सभी शक्तियां निहित होने से फैसले लेने का अधिकार है। बाद में इस फैसले को मंत्रिमंडल अनुमोदित करता है। राष्ट्रपति ने सारी स्थिति पर विचार करते हुए सुबह ब्रह्म मुहूर्त में लगभग चार बजे राष्ट्रपति शासन हटाने का फैसला किया और एक घंटे के भीतर महाराष्ट्र के राज्यपाल को इसकी सूचना दे दी गई।
महाराष्ट्र को देंगे स्थायी सरकार - फडनवीस
ठ्ठ उधर श्री फडनवीस ने शपथ लेने के बाद पत्रकारों से कहा कि उनके पास पूरी संख्या है और उनकी सरकार पांच सालों तक चलेगी। हमें पूरा विश्वास है कि राज्यपाल ने जो समय सीमा बहुमत सिद्ध करने के लिए दी है उसमें हम पूर्णत: सफल होंगे।
राज्य में विधानसभा चुनाव परिणाम आने के वाद कई दिनों से सरकार गठन को लेकर चल रहे गतिरोध के बीच शुक्रवार की रात शिवसेना के नेतृत्व में शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस गठबंधन सरकार बनने की अटकलें तेज हो गई थीं, लेकिन शनिवार की सुबह स्थिति ने नाटकीय मोड़ लेते हुए भाजपा-राकांपा गठबंधन की सरकार अस्तित्व में आ गई। श्री फडनवीस ने मुख्यमंत्री एवं राकांपा नेता अजीत पवार ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ भी ले ली।