मध्यप्रदेश में पार्षद ही चुनेंगे महापौर व अध्यक्ष
    Date20-Nov-2019

 
भोपाल   स्वदेश समाचार
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने तर्कों को सुनने के बाद पाया कि प्रदेश की कमल नाथ सरकार द्वारा नगरीय निकाय एक्ट में किया गया संशोधन न्याय संगत है, इस लिहाज से याचिका को खारिज कर दिया गया। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद यह साफ हो गया है कि मध्यप्रदेश में पार्षदों के जरिये ही महापौर और अध्यक्ष का निर्वाचन संपन्न होगा।
याचिकाकर्ता अनवर हुसैन द्वारा दायर की गई इस याचिका में कहा गया था कि सरकार द्वारा नगरीय निकाय एक्ट में किया गया संशोधन असंवैधानिक है इस लिहाज से इसे रद्द किया जाए। सरकार द्वारा मध्यप्रदेश नगर पालिक विधि संशोधन अध्यादेश 2019 को सर्वसम्मति से पास कराया गया था, जिसे गवर्नर ने भी आर्टिकल 213 की धारा 1 के तहत मंजूरी दी थी। इस मुहर के बाद मध्यप्रदेश म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन एक्ट 1956 एवं मध्यप्रदेश म्युनिसिपालिटीज एक्ट 1961 में संशोधन किया गया था। गौरतलब है कि 1997 के पूर्व भी नगरीय निकायों में महापौर और अध्यक्ष का चयन अप्रत्यक्ष प्रणाली से ही किया जाता था।