पुलिस व्यवस्था जनता के अनुकूल बने
   Date06-Oct-2019

नई दिल्ली द्य 5 अक्टूबर (वा)
उप राष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने आतंकवाद, उग्रवाद और माओवाद जैसी मौजूदा समय की चुनौतियों से निपटने के लिए सुरक्षा बलों की क्षमता बढ़ाने का आह्वान करते हुए शनिवार को कहा कि पुलिस व्यवस्था को जनता के अनुकूल बनाया जाना चाहिए। श्री नायडू ने स्मार्ट पुलिसिंग पर आयोजित एक राष्ट्रीय सेमिनार को संबोधित करते हुए कहा कि पुलिस प्रणाली के केंद्र में आमजन होने चाहिए और पुलिस थानों में जनता के साथ मित्रवत् व्यवहार किया जाना चाहिए। सेमिनार का आयोजन इंडियन पुलिस फाउंडेशन, नेशनल सेंटर फॉर गुड गवर्नेस और पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो ने किया था। उन्होंने कहा कि पुलिस का आमजनता के अनुरूप बनाने लिए पुलिस प्रणाली में अंदरूनी बदलाव किए जाने चाहिए और पुलिस थानों का माहौल सुधारा जाना चाहिए। आतंकवाद, उग्रवाद और माओवाद का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पुलिस थानों का माहौल सुधारने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को पहल करनी होगी। उन्होंने कहा कि 'बुलेट से बैलेटÓ ज्यादा शक्तिशाली है। पुलिस को यह तथ्य समझना होगा।
उन्होंने कहा कि आतंकवाद मानवता का दुश्मन है और इससे निपटते समय राष्ट्र की सुरक्षा में कोई ढील नहीं दी जानी चाहिए। ऐसी समस्याओं से निपटने के लिए राज्य पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र बलों की क्षमता बढ़ाई जानी चाहिए जिससे वे मौजूदा चुनौतियों का सफलता पूर्वक सामना कर सके। उन्होंने कहा कि देश के आर्थिक विकास के लिए कानून - व्यवस्था बने रहना आवश्यक है।
उप राष्ट्रपति ने कहा कि पुलिस थाना पहला स्तर है जहां आम जनता का संपर्क पुलिस से होता है। इसलिये थानों में जनता को यह महसूस होना चाहिए उनकी समस्याओं का निवारण हो जाएगा। मौजूदा समय में पुलिस थानों के माहौल पर आम जनता भरोसा नहीं करती है। उन्होंने कहा कि पुलिस को अपराधों की बढ़ती संख्या की बजाय अपराधों की शिकायतों के समाधान पर ध्यान देना चाहिए। प्रत्येक शिकायत दर्ज होनी चाहिए और इसकी जांच की जानी चाहिए।
साईबर खतरों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि देशभर में पुलिस बल को साईबर अपराधों से निपटने के प्रशिक्षित करना जरुरी है। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन, जांच, सुरक्षा प्रबंधन और नागरिकों की सुरक्षा में सूचना प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अति विशिष्ठ व्यक्तियों की सुरक्षा और उनके आवागमन के प्रबंध के लिए नये तरीके अपनायें जाने चाहिए जिससे आम जनता परेशान नहीं हो।
श्री नायडु ने महिलाओं और बच्चों के खिलाफ बढ़ते यौन अपराधों पर चिंता प्रकट की और कहा कि इन्हें रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जानी चाहिए। पुलिस को ऐसे अपराधों के प्रति संवेदनशील होना चाहिए। अपराधियों को हर हालत में कानून के समक्ष लाया जाना चाहिए।